गोल्डन बॉय’ नीरज ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में एंट्री कर ली है। उन्होंने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने पहले प्रयास में 89.34 मीटर का थ्रो किया और महफिल लूट ली। यह उनका अभी तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो है।
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक की शानदार शुरुआत की। नीरज ग्रुप बी के क्वालिफिकेशन में सबसे पहले शुरुआत करने आए और उन्होंने अपना इस सत्र का शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर का थ्रो किया जो 84 मीटर के स्वत: क्वालिफिकेशन से काफी अधिक था। नीरज ने अपने स्वर्ण पदक के बचाव की बेहतरीन शुरुआत की है और उनसे फाइनल में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है। नीरज के अलावा पाकिस्तान के उनके प्रतिद्वंद्वी अरशद नदीम ने भी पहले ही प्रयास में कमाल का प्रदर्शन किया और 86.59 मीटर का थ्रो कर स्वतः फाइनल के लिए क्वलिफाई कर लिया। नीरज की तरह अरशद का भी यह सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो था। गत ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज ने 87.58 मीटर के प्रयास के साथ टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीता था।
🇮🇳🔥 𝗚𝗢𝗟𝗗 𝗡𝗢. 𝟮 𝗙𝗢𝗥 𝗡𝗘𝗘𝗥𝗔𝗝 𝗖𝗛𝗢𝗣𝗥𝗔? Neeraj Chopra advanced to the final of the men's javelin throw event thanks to a superb performance from him in the qualification round.
💪 He threw a distance of 89.34m in his first attempt to book his place in the final.… pic.twitter.com/EAcJscqCFc
— India at Paris 2024 Olympics (@sportwalkmedia) August 6, 2024
8 अगस्त को खेलेंगे फाइनल
नीरज चोपड़ा ने 89.34 मीटर का थ्रो फेंक इस सीजन में अपना बेस्ट प्रदर्शन किया है. दिलचस्प बात ये है कि वो इस थ्रो के साथ अपने करियर बेस्ट थ्रो के काफी करीब पहुंच गए. नीरज का बेस्ट थ्रो 89.94 मीटर है और जिस अंदाज में उन्होंने पेरिस ओलंपिक में अपना खेल दिखाया है उसे देखकर लग रहा है कि वो फाइनल में 90 मीटर का बैरियर भी पार कर लेंगे.
नीरज दो ओलंपिक स्वर्ण जीतने से एक कदम दूर
नीरज अब फाइनल में ओलंपिक के इतिहास में खिताब बरकरार रखने वाले पांचवां पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनने के इरादे से उतरेंगे। अगर वह खिताब जीतते हैं तो ओलंपिक व्यक्तिगत वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय भी बनेंगे। ओलंपिक की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में अभी तक एरिक लेमिंग (स्वीडन, 1908 और 1912), जोन्नी माइरा ( फिनलैंड, 1920 और 1924), चोपड़ा के आदर्श जान जेलेंजी (चेक गणराज्य, 1992 और 1996) और आंद्रियास टी (नॉर्वे, 2004 और 2008) की ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में अपने खिताब का बचाव कर पाए हैं।
