कोई आपसे बहुत खुश नहीं है, लेकिन आप संभाल लेंगे, ट्रंप के टैरिफ पर पीएम मोदी से बोले फिजी के प्रधानमंत्री

समृद्धि न्यूज। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बीच, फिजी के प्रधानमंत्री सितवेनी लिगामामादा राबुका ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया। पीएम राबुका ने कहा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि हो सकता है कोई व्यक्ति आपसे बहुत खुश नहीं है, लेकिन आपका व्यक्तित्व इतना बड़ा है कि उन असहज स्थितियों को झेल सकते हैं। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बीच फिजी के पीएम राबुका ने पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत में इशारों-इशारों में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोई आपसे नाराज है, लेकिन आप इतने बड़े हैं कि इन मुश्किलों से निकल सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक घटनाओं के छोटे देशों पर पडऩे वाले असर की बात भी कही।

पीएम राबुका ने यहां सपू्र हाउस में भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित शांति का महासागरे विषय पर व्याख्यान देने के बाद श्रोताओं के साथ बातचीत में पीएम मोदी के साथ अपनी बातचीत का ब्यौरा साझा किया। फिजी के प्रधानमंत्री रविवार को तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे, जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ फिजी के संबंधों को मजबूत करना है। भारत और फिजी ने सोमवार को रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की और शांतिपूर्ण एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के लिए संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति व्यक्त की। पीएम मोदी और राबुका ने समग्र द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के लिए वार्ता की। इस दौरान फिजी के प्रधानमंत्री राबुका ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की ओर भी इशारा किया। हालांकि राबुका ने सीधे तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि जो कुछ भी दुनिया में हो रहा है, उसका असर हम जैसे छोटे देशों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब परिवार का छोटा सदस्य असहज होता है, तो पूरा परिवार उसकी बात सुनता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति से उनकी कोई व्यक्तिगत बातचीत नहीं हुई है, लेकिन रूस और यूके के नेताओं से उनके द्विपक्षीय संवाद हुए हैं। फिजी के प्रधानमंत्री ने अपने विजन ओशन ऑफ पीस यानी शांति का महासागर की बात भी विस्तार से रखी। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशांत क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए शांति और स्थिरता का संदेश है। राबुका ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस विचार को समर्थन दिया है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस दिशा में सहयोग का भरोसा दिलाया है।

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