- अफसरों ने डीएम पर अभद्र व्यवहार, बैठक में अपमान और गुलामी जैसे रवैये का लगाया आरोप
- मांग: परिषद ने एक सप्ताह में डीएम का तबादला नहीं होने पर काम ठप करने की चेतावनी दी है
- डीएम मोनिका रानी ने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि 27 अधिकारियों का वेतन नियमों के तहत रोका गया है।
बहराइच: बहराइच में पंचायत राज सेवा परिषद के नेतृत्व में अफसरों और कर्मचारियों ने डीएम मोनिका रानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विकास भवन परिसर में नारेबाजी और कार्य बहिष्कार जारी है। पंचायत राज सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष सर्वेश पांडेय ने कहा कि अधिकारियों के स्वाभिमान के साथ अगर खिलवाड़ होता है तो ऐसी परिस्थिति में हम काम करने को बाध्य नहीं हैं, हमें मजबूर करके कोई भी हमसे गुलामी वाली अवस्था में काम नहीं ले सकता है। जिलाधिकारी ने शनिवार की बैठक में हमारे साथ अभद्रता की। इसके खिलाफ हम लोग धरना दे रहे हैं। प्रदेश संगठन ने एक सप्ताह के अंदर डीएम के तबादले की मांग की है। सोमवार को विकास भवन परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। धरने में काफी संख्या में अधिकारी शामिल हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि डीएम ने बैठक से सीडीओ, जिला प्रोग्राम अधिकारी, डीपीआरओ और उनके सभी स्टाफ से जाने के लिए कह दिया था। यह बैठक छुट्टी वाले दिन बुलाई गई थी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि डीएम के खिलाफ हम लोग एकजुट हैं। डीएम किसी भी बहाने किसी को भी प्रताडि़त कर सकती हैं। जब से वह जिले में आई हैं तब से अनुचित व्यवहार कर रहीं हैं। वहीं दूसरी ओर डीएम मोनिका रानी ने सभी आरोपों को खारिज किया है।
डीएम ने फर्रुखाबाद में एआरओ को मारा था थप्पड़
फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान डीएम मोनिका रानी ने एआरओ दीपेंद्र कुमार को वर्ष 2017 के चुनाव में तीन थप्पड़ जड़ दिए थे। उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मियों से एआरओ को हिरासत में लेने की बात कही थी। निर्वाचन आयोग समेत उच्च अधिकारियों से पीडि़त ने इसकी शिकायत की थी।
जब तक नहीं हटाया जायेगा डीएम को तब तक जारी धरना रहेगा
धरने पर बैठे पंचायतीराज विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक जिलाधिकारी मोनिका रानी को बहराइच से हटाया नहीं जाता, तब तक उनका धरना अनवरत जारी रहेगा। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान डीडीओए डीपीआरओ समेत कई अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और जलील कर बैठक से बाहर निकाल दिया। पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस अमानवीय व्यवहार से आहत होकर प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर यह विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। धरने को जनपद के कई अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
