फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। न्यायालय में पेशी के दौरान १५६(३) प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्तागणों में गरमागर्मी हो गयी और गाली-गलौज हुआ तथा एक अधिवक्ता ने डायस पर पिस्टल निकालकर रख दी जिसे विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट द्वितीय) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह ने अन्यन्त दुखद जताया तथा पुलिस की लापरवाही की परिचायक है। प्रभारी निरीक्षक न्यायालय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है कि किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति न्यायालय परिसर में शस्त्र लेकर परिसर के अंदर घुस आया तथा न्यायालय कक्ष के अंदर भी वह पिस्टल लेकर अंदर पहुंच गया। न्यायालय में कार्यरत कोर्ट मोहर्रिर हिमांशू यादव ने कोई तत्परता नहीं दिखायी, कोई तलाशी नहीं की तथा भीड़ को नियतंत्रित करने का कोई प्रयास नहीं किया अपनी सीट पर बैठे रहे। हिमांशू अपने कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति लापरवाह है तथा अनुशासनहीन है। न्यायालय सुरक्षा प्रभारी निरीक्षक व कोर्ट मोहर्रिर हिमांशू यादव अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए कोर्ट मोहर्रिर को यहां से हटाकर किसी अन्य न्यायालय व अन्य स्थान पर स्थानांतरित करें।
