समृद्धि न्यूज। कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को अपने सदाबहार दोस्त चीन से झटका लगा है। चीन ने इस मुद्दे को द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर सुलझाने की बात कही है। चीन और पाकिस्तान के बीच सातवीं रणनीतिक वार्ता में कश्मीर, दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान पर चर्चा हुई। पाकिस्तान ने कश्मीर में एकतरफा कार्रवाई पर चिंता जताई। चीन ने दोहराया कि कश्मीर ऐतिहासिक विवाद है जिसे यूएन चार्टर के तहत हल किया जाना चाहिए। दोनों देशों ने दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करने पर जोर दिया। अफगानिस्तान में आतंकी संगठनों के खात्मे और त्रिपक्षीय सहयोग पर भी बात हुई। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बीच आयोजित 7वीं रणनीतिक वार्ता के समापन पर जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का भी जिक्र है, लेकिन पाकिस्तान के पक्ष में चीन ने कोई एकतरफा बात नहीं कही। पाकिस्तानी पक्ष ने चीनी पक्ष के समक्ष वही अपना चिर-परिचित कश्मीर में एकतरफा कार्यवाही का दुखड़ा रोया तथा जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर अपने रुख एवं ताजा घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। चीन ने भी एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराया कि जम्मू और कश्मीर विवाद इतिहास की देन है, और इसे यूएन चार्टर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों तथा द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार उचित एवं शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए। संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत के तहत सीमा पार जल संसाधन सहयोग करने की जरूरत बताई। अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों को पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर चीन के सामने रोया दुखड़ा
