समृद्धि न्यूज। वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने साफ कहा कि भारत अब पाकिस्तान की परमाणु धमकी से नहीं डरता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार भारत की प्रतिक्रिया पहले से भी ज्यादा खतरनाक और निर्णायक होगी। पठानकोट में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अब सिर्फ बदले की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका मकसद होगा जमीन पर निर्णायक जीत। भारतीय सेना ने परमाणु धमकियों पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। पश्चिमी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने साफ कहा कि अब भारत पाकिस्तान की परमाणु धमकियों से नहीं डरेगा। सेना की रणनीति बदल चुकी है और अगली कार्रवाई पहले से ज्यादा कठोर होगी। जनरल कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के सभी आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में हमने उनके सभी आतंकी बेस को निशाना बनाया। उसके बाद उनकी तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई और हमने उनके मिलिट्री बेस और एयरबेस नष्ट किए। इसके बाद वहीं हमसे नहीं, बल्कि दूसरे देशों के जरिए सीजफायर की गुहार लगाने लगे। वे लड़ ही नहीं सकते, उन्होंने दो टूक कहा अगली बार जवाब और भी सख़्त होगा। खतरा अभी टला नहीं है और इस बार दुश्मन को पहले से ज्यादा बड़ा झटका लगेगा।
VIDEO | Pathankot: Responding to a question during a press conference, Lt Gen Manoj Kumar Katiyar, GOC-in-C, Western Command, says, "You saw that on the 7th (May, 2025), we carried out attacks on all their terrorist bases. After that, they attempted some retaliatory action. In… pic.twitter.com/17ftBwWkIm
— Press Trust of India (@PTI_News) February 26, 2026
पठानकोट में आयोजित एक सैन्य सम्मान समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी बड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन भारतीय सेना ने उनके सैन्य और हवाई ठिकानों को भी तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए थे कि पाकिस्तान को सीधे और अन्य देशों के जरिए युद्धविराम की मांग करनी पड़ी। सेना प्रमुख ने कहा कि अगली बार जवाब और ज्यादा कठोर होगा। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार दी जाने वाली परमाणु युद्ध की धमकियों को न्यूक्लियर ब्लफ बताया। उन्होंने कहा कि यह कमजोरी छिपाने की कोशिश है। उनके मुताबिक पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व व्यवस्था संघर्ष को जिंदा रखकर अपनी अहमियत बनाए रखना चाहती है। भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर उकसाया गया तो इस बार जवाब सीमित नहीं रहेगा और दुश्मन को दुनिया के सामने हार स्वीकार करनी पड़ेगी। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ने फिर किसी तरह का कोई भी दुस्साहस किया, तो भारतीय सेना की कार्रवाई पहले से अधिक व्यापक होगी। इस बार कार्रवाई सिर्फ आतंकी कैंप या एयरबेस तक सीमित नहीं रहेगी, जीत ऐसी होगी कि वे दुनिया के सामने घुटने टेकने पर मजबूर होंगे। सेना अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल जीत का जश्न नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी का प्रदर्शन था। उन्होंने बताया कि सेना अब तकनीकी आत्मनिर्भरता पर तेजी से काम कर रही है। खास तौर पर ड्रोन तकनीक, आधुनिक हथियार और 100 प्रतिशत उपकरण तैयार स्थिति में रखे जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी युद्ध में सबसे बड़ी ताकत भारतीय जवान ही हैं, जिनकी ट्रेनिंग लगातार मजबूत की जा रही है।
भारतीय सेना ने अपनी पैरा कैपेबिलिटी और तेज कार्रवाई के लिए भैरव बटालियन को मैदान में उतारा है, वहीं ड्रोन ऑपरेशंस के लिए विशेष अश्वनी प्लाटून तैयार की गई है। सेना अब अपनी वर्कशॉप में बड़े पैमाने पर स्वदेशी ड्रोन्स का निर्माण कर रही है, ताकि दुश्मन के लॉन्च पैड्स और मिलिट्री बेस को सटीकता से निशाना बनाया जा सके। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के मापदंड पहले ही नीचे आ चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ और ट्रेनिंग का जवाब देने के लिए सेना ने हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों पर तैयारी मुकम्मल कर ली है। पिछली बार पाकिस्तान की गुहार के बाद सीजफायर हुआ था, लेकिन इस बार जवाब दुश्मन के व्यवहार पर निर्भर करेगा।
