फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। धोखाधड़ी से जमीन नाम चढ़वा लेने के मामले में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक सहित नौ लोगों के विरुद्ध पीडि़ता ने न्यायालय में याचिका दायर की है।थाना कमालगंज के ग्राम बरिया नगला निवासी गुडिय़ा पत्नी राकेश ने न्यायालय में दायर की याचिका में दर्शाया कि जब उसका विवाह हुआ तो उसकी विदाई गांव के स्व0 इतवारी लाल के होकर आयी थी और आज भी उसी मकान में रह रही है। पीडि़ता के पति राकेश के इतवारी लाल सगे मौसा थे। उनका सगा भाई प्रयागनारायण भी था। इतवारी लाल के कोई संतान नहीं थी। मेरे पति ही उनकी सेवा करते थे और उनके जीवित रहते उनकी सम्पत्ति का उपयोग करते थे, जो आज भी जारी है। पति की सेवा से खुश होकर इतवारी लाल ने २४ अगस्त २०१७ को रजिस्टर्ड वसीयत मेरे दोनों नाबालिग पुत्रों के पक्ष में कर दी। मेरा नाम संरक्षिका के रुप में दर्ज है। वसीयत में गवाह गांव मानसिंह पुत्र मुंशीलाल व बृजेन्द्र निवासी ग्राम चौपेड़ा है। इतवारी लाल की मृत्यु २७ नवम्बर २०१९ को हो गई थी। मेरे पति अनपढ़ होने की बजह से वसीयत के बारे में प्रयागनारायण के पुत्रों को बतायी। जिस पर रामचन्द्र व उसके पुत्र हरिश्चन्द्र ने लेखपाल से कहकर तुम्हारे पुत्रों के नाम विरासत दर्ज करवा देंगे। जिस पर हम लोगों ने विश्वास कर लिया। इतवारी लाल के भतीजे नन्हूराम, रामचन्द्र, गोपाल, राजपाल, सतीश, रमेश व हरिश्चन्द्र ने गांव के तत्कालीन लेखपाल अजीत गुप्ता व राजस्व निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह से मिलकर जमीन हड़पने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिये। उक्त लोगों ने राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को मेरे घर पर बुलाया और कहा कि आप संरक्षिका के रुप में अंकित है तो एक गवाह लेकर तहसील आना है। जिसके बाद इतवारी लाल की जमीन तुम्हारे पुत्रों के नाम दर्ज हो जायेगी। मैं अपने पति के साथ उक्त लोगों व गवाह मानसिंह को लेकर तहसील पहुंचे। लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिये। रामचन्द्र व उसके पुत्र हरिश्चन्द्र व लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने विरासत दर्ज कराने के लिए २० हजार रुपये मांगे। मैंने सात व उक्त लोगों ने १३ हजार रुपये दिये। मैंने घर जाकर उक्त लोगों को १३ हजार वापस कर दिये। प्रयागनारायण की भी मौत हो गई। जब मेरा पति आलू की बुवाई करने गया तो उक्त लोगों ने बुवाई करने से रोक दिया। जब हम लोगों ने अपना खेत होने की बात कही तो उक्त लोगों ने मुझे व मेरे पति तथा नाबालिक पुत्रों को पीटा। पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
