फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। चिकित्सक केएम द्विवेदी सहित तीन के विरुद्ध भाई के उपचार के दौरान लापरवाही से मृत्यु हो जाने के संदर्भ में दोषी ठहराते हुए पीडि़त ने न्यायालय में याचिका दायर की।जनपद मैनपुरी थाना बेवर के ग्राम जासमई निवासी अजय कुमार पुत्र हरिशंकर ने न्यायालय में दायर की याचिका में दर्शाया कि 22 जुलाई 2023 को इलाज के लिए मैं अपने भाई किशोर उर्फ सरवन को आवास विकास स्थित दी केयर अस्पताल में ले गया। जहां अस्पताल के संचालक डॉक्टर केएम द्विवेदी व रिसेप्सनिष्ट अतीक पुत्र हफीज व डायलेसिसकर्ता सूर्यभान सिंह पुत्र अभिमन्यु सिंह निवासी खान जहानपुर ग्राम चिरकुआ थाना बिधूना जनपद औरैया ने मुझे विश्वास दिलाया कि यहां पर डायलेसिस बहुत ही अच्छे से की जाती है। 6 हजार रुपये तुरंत जमा करने को कहा। मैंने रुपये जमा किये, रसीद नहीं दी। भाई को बेहोशी का इंजेक्शन डॉक्टर केएम द्विवेदी के कहने पर लगाया गया और डायलेसिस का काम लगभग 12 बजे शुरू कर दिया। हम सबको रूम के बाहर रहने को कहा। डायलेसिस करने वाले सूर्यभान जो की लैब टेक्नीशियन बताया गया। उसके पास इससे संबंधित कोई डिप्लोमा और डिग्री अनुभव आदि नहीं है। इसकी जानकारी केएम द्विवेदी को थी। डायलेसिस के दौरान मेरे भाई की मृत्यु हो गई, पर इन सब लोगों ने इस घटना को छिपा लिया। 1 घंटे बाद पता चला कि मेरे भाई किशोर उर्फ सरवन की मृत्यु हो चुकी है। इन लोगों की लापरवाही व गलत तरीके से लगाने से मेरे भाई की मृत्यु हुई है। जब मैंने उन लोगों से कहा कि आपने लापरवाही की है तो सभी लोग झगड़ा करने लगे और गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान डॉक्टर केएम द्विवेदी ने कागज तथा जमा किए गए पैसे की रसीद आदि छीन कर फाड़ दी और गालियां दी। 20 हजार रुपये की और मांग की और शव देने से मना कर दिया। तब मैं पुलिस को फोन किया। पुलिस के आने पर मेरे भाई का शव दिया। थाने में व एसपी को प्रार्थना पत्र दिया पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
