मां-बेटी के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के मामले में कार्यवाही करने के नाम पर मांगे थे दस हजार आरोपियों से सांठगांठ कर पीडि़ता के पुत्र का पुलिस ने कर दिया था चालान
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास पर लूट के मामले में कार्रवाई करने के नाम पर पुलिस कर्मियों द्वारा रुपए की मांग करने ना देने पर बेइज्जत कर मां बेटी को थाने से भगा देने के मामले में पीडि़ता ने न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई। कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला सधावाड़ा निवासी पीडि़ता ने न्यायालय में याचिका दायर की। जिसमें दर्शाया कि उसकी पुत्री का पति से विवाद होने के चलते वह मेरे साथ रह रही है। मोहल्ले के बंटी पुत्र सुखवासीलाल कि मेरी बेटी पर बुरी नजर है। वह आए दिन मेरी बेटी से अश्लील कमेंट करता तथा छेड़छाड़ करता है। 8 जुलाई को जब मैं दिन के 11 बजे अपनी बेटी के साथ बाजार के लिए निकली तो मेरी बेटी आ गई चल रही थी और मैं कुछ दूरी पर पीछे थी। इसी दौरान बंटी व उसके तीन अज्ञात साथी घर के बाहर खड़े थे। मेरे बेटी को देखते ही बंटी ने मुंह दबाकर घर के अंदर खींच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। शोर सुनकर मैं उसके घर के अंदर घुसने की कोशिश की तो उसके अज्ञात साथियों ने मुझे भी मुंह दबाकर अंदर खींच लिया और मेरे साथ छेड़छाड़ की। मेरे ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर 8 हजार रुपये निकाल लिए। मेरे व मेरी बेटी के साथ छेड़छाड़ व जबरन बलात्कार करने का प्रयास किया। किसी तरह मुंह से हाथ हटाकर बचाव में शोर मचाया। इस दौरान मैंं बेहोश हो गई। चीख-पुकार सुनकर मेरा बेटा व मोहल्ले के लोग आ गए जिन्होंने बचाया। बेहोशी हालत में मुझे अस्पताल में ले जाया गया। जहां से मुझे व मेरी बेटी को मेरा बेटा थाने लेकर पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान चौकी इंचार्ज हरिओम ने 10 हजार रुपये की मांग की। जब मैंने बताया कि मेरे 8 हजार रुपये भी उन लोगों ने निकाल लिये हैं तो चौकी इंचार्ज व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ गाली-गलौज कर बेइज्जत कर थाने से धक्का देकर भगा दिया। इस दौरान आरोपी व उसके परिजन थाने में बैठे थे। उन पर कार्रवाई करने की बजाय मेरे बेटे को पकड़कर 151 के तहत का चालान कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की, पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
