फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के जे0एन0वी0 रोड निवासी अंशुमान शाक्य पुत्र रामसनेही ने न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष याचिका दायर की। जिसमें बताया कि मेरी पत्नी के नाम पर जे0एन0वी0 रोड फतेहगढ़ में एक कंपोजिट दुकान है। जिसका संचालन सेल्समैन के द्वारा किया जाता है। 21 दिसम्बर 2025 को सात साढ़े दस बजे शराब ठेके पर उपनिरीक्षक अमित गंगवार आए तब ठेका बंद हो चुका था। अमित गंगवार शराब की मांग करने लगे। जिस पर मंै अपने जरनल स्टोर से बाहर निकला। मेरे कर्मचारी देवराज पाल, नवनीत, कुनाल ठेका बंद कर घर जाने से पहले मेरे जरनल स्टोर पर बैठकर शराब पी रहे थे। अमित गंगवार से हम लोगों ने कहा कि दुकान बंद हो चुकी है। अब शराब नहीं मिल पाएगी। जिस पर वह हम लोगों के पैग पीने लगे। विरोध करने पर उक्त लोगों के सामने मुझे अपमानित करने लगे। फोन करके अपने साथियों को बुला लिया। मेरे घर के सामने पहले लात-घूसों से मारापीटा। फिर बंधक बनाकर गाड़ी में डाल लिया और कमालगंज की ओर ले जाने लगे। जब मैंने पूछा कि फतेहगढ़ कोतवाली पीछे है, तो मुझसे कहा आज तेरा एनकाउंटर कर दूंगा। किसी का फोन आ जाने के बाद मुझे कोतवाली फतेहगढ़ में ले जाकर बंद कर दिया और मुझे मारापीटा और जबरदस्ती एक माफीनामा लिखवा लिया और मेरे हस्ताक्षर करवा लिए और मुझे छोड़ दिया। अमित गंगवार ने विधि विरुद्ध अपहरण करके मुझे जान से मारने का प्रयास किया है। मारपीट की उक्त घटना के सीसीटीवी फुटेज हैं। पीडि़त ने कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र रजिस्टर्ड डाक द्वारा भेजा। कार्यवाही न होने पर न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की।
उपनिरीक्षक सहित नौ पुलिस कर्मियों के विरुद्ध न्यायलय में याचिका दायर
