पीएम मोदी ने किया मिशन सुदर्शन चक्र का ऐलान, देश के सभी अहम जगह होंगी सुरक्षित

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर मिशन सुदर्शन चक्रका ऐलान किया है। लाल किला से गरजते हुए उन्होंने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में बात करते हुए कहा कि मैंने एक संकल्प लिया है, इसके लिए मुझे देशवासियों का आशीर्वाद चाहिए।
15 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए मिशन सुदर्शन चक्र की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह मिशन एक पावरफुल वेपन सिस्टम होगा, जो दुश्मन के हमलों को न केवल रोक सकेगा, बल्कि उनसे कई गुना अधिक प्रतिक्रिया (हिटबैक) भी देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले 10 साल यानी 2035 तक देश के प्रमुख स्थलों, सामरिक और नागरिक क्षेत्रों तथा धार्मिक केंद्रों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे और किसी भी प्रकार की तकनीक हम पर हमला करे, हमारी तकनीक उससे बेहतर साबित हो।

पीएम मोदी ने मिशन का नाम सुदर्शन चक्र भगवान श्रीकृष्ण के चक्र से प्रेरित बताते हुए कहा कि महाभारत की लड़ाई में सुदर्शन चर्क ने रणनीति और पराक्रम का उदाहरण प्रस्तुत किया था। उन्होंने इसे आधुनिक रक्षा रणनीति के लिए एक मार्गदर्शक बताया। उन्होंने आगे कहा कि सुदर्शन चक्र मिशन के लिए रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग भारत में ही होगी और इसमें देश के युवाओं की प्रतिभा का उपयोग किया जाएगा। यह सिस्टम युद्ध की परिस्थितियों के अनुसार प्लस-वन रणनीति के साथ टारगेट और एक्शन तय करेगा। प्रधानमंत्री ने इस मिशन को स्वदेशी रक्षा प्रणाली का हिस्सा बताया और कहा कि यह देश और नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक और मजबूत तकनीकी व्यवस्था प्रदान करेगा।

मिशन सुदर्शन चक्र की क्या है खासियत

यह सुदर्शन चक्र एक ताकतवर वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही बल्कि दुश्मन पर कई गुना तेज पलटवार भी करेगा। पीएम ने कहा, हमने मिशन सुदर्शन चक्र के लिए कुछ मूलभूत बातें भी तय की हैं, हम 10 साल में उसे पूरी तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं। उसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पूरी रिसर्च देश में देश के लोगों द्वारा ही हो। वॉरफेयर के हिसाब से उसका हिसाब-किताब लेकर हम इस पर प्लस वन की नीति से काम करेंगे। सुदर्शन चक्र की एक खासियत थी कि उसका जो निशाना होता था, वहीं तक जाता था, और फिर वापस आ जाता था। हम भी सुदर्शन चक्र की तरह टारगेट के आधार पर आगे बढ़ेंगे।

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