फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रदेश में परिषदीय विद्यालय में निरीक्षण हेतु चले विशेष अभियान में लगभग ९ हजार शिक्षक अनुपस्थित पाये गये। अब इन शिक्षकों का वेतन काटने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय आनन्द किरन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिसमें नौ हजार शिक्षक-शिक्षिकायें अनुपस्थित पाये गये। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर प्रदेश के बेसिक शिक्षाधिकारियों ने अपने-अपने जिले में अनुपस्थित मिले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिये है। अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन काटने की विभाग तैयारी में जुटा है। प्रदेश के सभी विकास खण्डों में १ सितम्बर से २० अक्टूबर तक ३० हजार परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण खण्ड शिक्षाधिकारियों द्वारा किया गया। सभी को ४०-४० विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य था। सबसे ज्यादा आजमगढ़ एवं बलिया जिले में २५०-२५० से अधिक शिक्षक निरीक्षण अभियान में गैर हाजिर पाये गये। विद्यालय के निरीक्षण में छात्रों की उपस्थिति, कायाकल्प अभियान और निपुण भारत मिशन की प्रगति की जांच की गई। परिषदीय स्कूलों की जांच के लिए गठित की गई जिला स्टास्क फोर्स और ब्लाक स्टास्क फोर्स के संयुक्त अभियान में अनुपस्थित पाये गये इन शिक्षकों ने अवकाश हेतु निर्धारित समय तक ऑन लाइन आवेदन भी नहीं किया। इसके अलावा तमाम शिक्षक उपस्थित पंजीका पर हाजरी लगाकर गायब थे। फिलहाल स्कूलों में निकट भविष्य में शिक्षकों पर और सख्ती बढ़ाये जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रादेशिक बेसिक शिक्षक संघ ने शासन की कार्यवाही को शिक्षकों के प्रति दमन कारी बताया।
