ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारी, 16 जनवरी को आ सकता है पहला विमान

समृद्धि न्यूज। भारत सरकार ईरान में चल रही अशांति के कारण सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक, निकाले गए लोगों का पहला बैच 16 जनवरी तक फ्लाइट से बाहर निकल सकता है। ईरान में गहराते विद्रोह और संभावित अमेरिकी हमले के खतरे के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। विदेश मंत्रालय उन भारतीयों को वापस लाने की तैयारी में है जो लौटना चाहते हैं, जिसके लिए एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के चलते स्थिति बेहद ही भयावह हो गई है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ईरान में मौजूदा अस्थिर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और उन भारतीय नागरिकों की घर वापसी की सुविधा प्रदान करने के लिए व्यापक तैयारियां कर रहा है जो भारत लौटने के इच्छुक हैं। ईरान विद्रोह की आग से झुलस रहा है, ऐसी आशंका है कि अमेरिका किसी भी वक्त उस पर हमला कर सकता है। इस बीच भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए बड़ी तैयारी की है। सूत्रों का कहना है किईरान में बदलते हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाने की तैयारी कर रहा है जो भारत लौटना चाहते हैं। इसके लिए सरकार ऑपरेशन शुरू करेगी, इससे पहले सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से वहां उपलब्ध साधनों से निकलने और वहां की यात्रा से बचने के लिए कह चुकी है। इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की। इसे लेकर उन्होंने बताया कि ईरान में बदलते हालात को लेकर विदेश मंत्री से बात की है, उन्हें आश्वासन मिला है कि वहां फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ईरान में बदलते हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की वापसी की तैयारी कर रहा है जो भारत वापस आना चाहते हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने अलग अलग इलाकों में भारतीय छात्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन देश छोडऩा चाहता है। हालांकि, यह काम फिजिकली किया जा रहा है, क्योंकि कई इलाकों में इंटरनेट सर्विस बंद हैं और फोन लाइनें रुक-रुक कर काम कर रही हैं।

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