राष्ट्रपति ट्रंप ने रुस के नजदीक तैनात कीं परमाणु पनडुब्बियां

समृद्धि न्यूज। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने रूस के पास 2 परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करने का आदेश दिया है। रूस की सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन मेदवेदेव ने हाल ही में ट्रंप को सीधा अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था, हर अल्टीमेटम, एक कदम है अमेरिका से युद्ध की ओर। रूस कोई इजरायल या ईरान नहीं है जो चुप रहेगा। ट्रंप को स्लीपी जो (बाइडेन) जैसा नहीं बनना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। ट्रंप ने शुक्रवार को भडक़ाऊ बयान के जवाब में दो परमाणु पनडुब्बियों को उचित इलाकों में तैनात करने का आदेश दिया। दरअसल, मेदवेदेव ने ट्रंप पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि अगर रूस के एक पूर्व राष्ट्रपति के कुछ शब्द अमेरिका के ताकतवर नेता को इतना डरा सकते हैं, तो रूस सही रास्ते पर है। इसके जवाब में ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, शब्दों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा।
ट्रंप ने मेदवेदेव के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, उसे कहिए कि अपनी जुबान पर लगाम लगाए। वह अब भी खुद को राष्ट्रपति समझता है। वह खतरनाक जमीन पर चल रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वो अब रूस और राष्ट्रपति पुतिन से निराश हो चुके हैं। उन्होंने कहा, अगर जवाब साफ है, तो फैसला आज ही क्यों ना हो, अब और इंतजार नहीं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मेदवेदेव को फेल राष्ट्रपति कहकर हमला किया और कहा कि रूस और अमेरिका को एक-दूसरे से कोई व्यापार नहीं करना चाहिए। भारत पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत-रूस के रिश्तों से उन्हें फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि भारत के टैक्स बहुत ज्यादा हैं। वहीं दिमित्री मेदवेदेव ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ट्रंप को अपने पसंदीदा जॉम्बी फिल्मों की याद करनी चाहिए और रूस की डेड हैंड रणनीति को नहीं भूलना चाहिए।
मेदवेदव ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि वह उन देशों को हल्के में न लें, जिन्हें वह मृत बता रहे हैं। उनका यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और रूस के आपसी संबंधों पर हमला किया और कहा कि ये दोनों देश अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं को गर्त में ले जा सकते हैं। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, डेड हैंड शब्द शीत युद्ध के दौर की पश्चिमी शब्दावली से लिया गया है।
रूस की ओर से किए गए हमलों को लेकर यूके्रन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि एक बार फिर, रूस का यह नृशंस हमला मॉस्को पर बढ़ते दबाव और अतिरिक्त प्रतिबंधों की आवश्यकता को दर्शाता है। जरूरी है कि दुनिया इन हमलों के बारे में चुप ना रहे। मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमारे लोगों का समर्थन किया है। हम इस बात की सराहना करते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप, यूरोपीय नेता और अन्य सहयोगी स्पष्ट रूप से देख रहे हैं कि क्या हो रहा है और रूस की निंदा कर रहे हैं।

 

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