समृद्धि न्यूज। 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद बुधवार तडक़े रूस के कुरील द्वीप समूह और जापान के बड़े उत्तरी द्वीप होक्काइडो के तटीय इलाकों में सुनामी आ गई। होनोलूलू में मंगलवार को सुनामी चेतावनी सायरन बजने लगे और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि लगभग 30 सेंटीमीटर ऊंची पहली सुनामी लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर नेमुरो पहुंची। स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको के मुताबिक, पहली सुनामी लहर प्रशांत महासागर में रूस के कुरील द्वीप समूह की मुख्य बस्ती सेवेरो-कुरीलस्क के तटीय क्षेत्र में आई। आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित हैं। दोबारा लहर आने का खतरा टलने तक वे ऊंचे स्थानों पर ही रहेंगे।
NOW – Tsunami waves hit Russian coast along Severo-Kurilsk. pic.twitter.com/1cxuFHohVL
— Disclose.tv (@disclosetv) July 30, 2025
रूस के सुदूर पूर्वी तट पर आई सुनामी
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, रूस के इमरजेंसी मिनिस्ट्री ने बताया कि बुधवार को रूस के सुदूर पूर्वी तट पर सुनामी आई, जिससे पोर्ट सिटी सेवेरो-कुरिल्स्क में बाढ़ आ गई, जहां करीब 2,000 लोग रहते हैं। मिनिस्ट्री का कहना है, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
This looks to be a much stronger tsunami then expected, this footage was taken from the same area that factory was seen, there is NOTHING left in that area, PLEASE TAKE THIS SERIOUSLY. #Russia #Tsunami #japan #earthquake pic.twitter.com/pBEdvd1h2b
— Mr ashen (@TheOfficialMrA1) July 30, 2025
जापान: खाली कराया गया फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट
जापान में सुनामी को लेकर अलर्ट जारी करने के बाद फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को खाली करा दिया गया है, यहां काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
जापान भी खतरे में: ट्रंप
सुनामी की आहट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, प्रशांत महासागर में आए भीषण भूकंप के कारण, हवाई में रहने वालों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अलास्का और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रशांत तट पर सुनामी निगरानी जारी है। जापान भी खतरे में है। मजबूत रहें और सुरक्षित रहें।
सुनामी की आहट से खौफ में कई देश
हवाई में सुनामी की चेतावनी के बाद होनोलूलू में सायरन बजाए गए और लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया। केंद्र ने बताया कि हवाई, चिली, जापान और सोलोमन द्वीप समूह में 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें टकरा सकती हैं।
