फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री पांडेश्वर नाथ मंदिर में मानस विचार समिति द्वारा मानस विद्वानों एवं आयोजकों ने श्री राम का राज्याभिषेक के द्वारा कार्यक्रम संपन्न किया। पंडित अरुण गोस्वामी, डॉ0 रामबाबू पाठक, पंडित पीलाराम शर्मा, पंडित रामेंद्रनाथ मिश्रा ने वैदिक मंत्र के साथ श्री राम का राज्याभिषेक किया। प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा..इसका अर्थ है कि भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के समय वशिष्ठ मुनि ने सबसे पहले तिलक किया। विद्वान जनो ने स्वास्तिक वचन मंत्रो के साथ पुष्प वर्षा की और खुशियां मनाई। मानस विदुषी संध्या दीक्षित, कुमारी आस्था शर्मा एवं आयोजन श्वेता दुबे, विजय लक्ष्मी पाठक, माधुरी सक्सेना, अलभ्या, संध्या, मांडवी आदि महिलाओं ने मंगल गीत गाकर खुशियां मनाई। आयोजकों ने भगवान राम का राजतिलक किया। स्वागता अध्यक्षत रमेश चंद त्रिपाठी, आलोक गौड़ ने सभी विद्वानों श्री राम भक्तों श्रोताओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। मानस सम्मेलन संयोजक डॉ0 रामबाबू पाठक ने मानस सम्मेलन के 37 वर्ष की यात्रा और अपने सहयोगी व्यक्तियों का श्री राम का राज्य और धर्म पर था सभी खुश थे, गांधी की कल्पना भारत में राम राज्य का सपना सत्य अहिंसा परमो धर्म चली आ रही है, सम्मेलन का समापन धर्म की जय हो धर्म का नाश हो प्राणी में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो के साथ महा आरती, प्रसाद वितरण के साथ समापन किया गया। सुदेश दुबे एवं श्वेता दुबे ने सभी विद्वानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विशेष पाठक, विकास, अभिषेक, अजीत, किशन, राघव, प्रेम, स्पर्श, विजय अवस्थी, सुजीत पाठक, आलोक गौड़, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, सर्वेश अवस्थी आदि मौजूद रहे। संचालन रामेंद्र नाथ मिश्र एवं बृज किशोर सिंह किशोर ने किया।
प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा………राज्याभिषेक के साथ कथा का हुआ विराम
