कहा: अगर आप सच्चे भारतीय होते तो ऐसा बयान नहीं देते
समृद्धि न्यूज। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना पर टिप्पणी करने के मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की जमीन हड़प ली, आपकी जानकारी का विश्वसनीय स्रोत क्या है।
भारतीय सेना पर टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो आप ऐसी बातें नहीं कहेंगे। कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीन ने कब्जा कर लिया है, क्या आप वहां थे, क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है।
राहुल गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ0 अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी के पक्ष में काफी दलीलें दीं, लेकिन जस्टिस दत्ता ने उनकी हर दलील पर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सवाल उठाने के लिए एक उचित मंच है। जजों की पीठ ने एक भारतीय के रूप में उनकी टिप्पणी को अनुचित बताया। ये सवाल भी उठाया कि राहुल गांधी को आखिर भारतीय हिस्से पर चीनी कब्जे वाली बात पता कैसे चली, क्या उनके पास प्रमाण हैं।
आपको कैसे पता चला, चीन का कब्जा है?
राहुल गांधी ने 25 अगस्त, 20222 को कारगिल में भारत जोड़ो यात्रा, के दौरान एक रैली को संबोधित किया था। गलवान में चीनी सेना से हुई हिंसक झड़प जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने रैली में दावा किया था। लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में क्या-क्या पूछेंगे, लेकिन चीनी सैनिकों ने हमारे सैनिकों की पिटाई की, इस पर एक भी सवाल नहीं पूछेंगे, चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है।
जस्टिस दत्ता ने आगे कहा, क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है, आप बिना किसी.. अगर आप एक सच्चे भारतीय होते तो आप यह सब नहीं कहते। इस पर सिंघवी ने कहा, यह भी संभव है कि एक सच्चा भारतीय ये कहेगा कि हमारे 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और ये चिंता का विषय है। जस्टिस दत्ता ने ये भी पूछा कि क्या जब सीमा पर संघर्ष होता है, तो दोनों तरफ हताहतों का होना असामान्य है।
सरकार का जवाब
राहुल गांधी के बयान के जवाब में उस वक्त के लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर रिटायर्ड बीडी मिश्रा ने कहा था, भारत की एक इंच जमीन पर भी चीन का कब्जा नहीं है। 1962 में जो कुछ हुआ, उस पर बात करने से कोई फायदा नहीं है। आज सीमा की आखिरी इंच पर भी भारत का कब्जा है। भगवान न करें कि ऐसा हो, लेकिन अगर हालात बिगड़े तो हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
