धैर्य की परीक्षा न ले, इस्तांबुल वार्ता विफल होते ही तालिबान की पाकिस्तान को चेतावनी

समृद्धि न्यूज। अफगानिस्तान के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तानी अधिकारियों को अफगानों के धैर्य की परीक्षा न लेने की चेतावनी दी और पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ को अपने देश की तकनीक पर अत्यधिक भरोसा न करने के लिए आगाह किया। नूरी ने कहा कि अगर संघर्ष होता है, तो अफगानिस्तान के बुजुर्ग और युवा दोनों लडऩे के लिए उठ खड़े होंगे।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता विफल होने के साथ ही दोनों ओर से बयानबाजी तेज हो गई है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने बयान जारी करते हुए कड़े शब्दों में पाकिस्तान के रवैये की आलोचना की है। तालिबान ने पाक प्रतिनिधिमंडल पर वार्ता में बाधा डालने और तुर्की-कतर के मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करने का आरोप लगाया है। तालिबान ने पाकिस्तान को युद्ध की चेतावनी भी दे डाली है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने 8 नवंबर को जारी बयान में तुर्की और कतर का मध्यस्थता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तालिबान को वार्ता में पाकिस्तान की ओर से गंभीरता की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पाकिस्तान ने एक बार फिर पूरी तरह से असहयोगी रवैये का प्रदर्शन किया। पाकिस्तान ने सारा दोष अफगान सरकार पर डालने की कोशिश की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया सेवाओं के भीतर कुछ तत्व जानबूझकर शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इस्लामिक अमीरात के अच्छे इरादों और मध्यस्थों के प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के गैर-जिम्मेदाराना और असहयोगी रवैये के कारण कोई नतीजा नहीं निकला। अफगान प्रतिनिधियों ने 6 और 7 नवंबर को सद्भावना और उचित अधिकार के साथ बैठक में भाग लिया था और उम्मीद जताई थी कि पाकिस्तान इस मामले को गंभीरता और रचनात्मक तरीके से लेगा। पाकिस्तान ने गैर-जिम्मेदार और असहयोगी रवैया दिखाया, अपनी सुरक्षा से संबंधित सभी जिम्मेदारियां अफगान सरकार पर डालने की कोशिश की। इस्लामाबाद के रुख की आलोचना करते हुए तालिबान ने अपनी सैद्धांतिक स्थिति दोहराई कि अफगानिस्तान अपने क्षेत्र का उपयोग किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने देगा, न ही किसी विदेशी राष्ट्र को अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता का उल्लंघन करने की अनुमति देगा। मुजाहिद ने कहा कि अफगान तालिबान ने टीटीपी और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत कराने की कोशिश की थी और यह प्रक्रिया काफी हद तक सफल रही, लेकिन पाक सेना ने इसे नाकाम किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के भीतर कुछ गुट हैं, जो नहीं चाहते कि अफगानिस्तान में एक संप्रभु सरकार हो। ऐसे तत्व जानबूझकर परेशानी पैदा कर रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि तीसरे दौर की वार्ता बिना किसी नतीजे के अनिश्चित चरण में पहुंच गई है, उन्होंने कहा कि चौथे दौर की अभी तक कोई योजना नहीं है। अफगानिस्तान के जनजाति, सीमा और जनजातीय मामलों के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तानी अधिकारियों को अफगानों के धैर्य की परीक्षा न लेने की चेतावनी दी और आसिफ को अपने देश की तकनीक पर अत्यधिक भरोसा न करने के लिए आगाह किया और कहा कि अगर संघर्ष होता है तो अफगानिस्तान के बुजुर्ग और युवा दोनों लडऩे के लिए उठ खड़े होंगे।

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