समृद्धि न्यूज। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 1:30 बजे कहा कि चुनाव आयोग ने उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया है। कुछ ही देर में आम लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी दिखाता वोटर लिस्ट वायरल कर दिया। भाजपा ने तो इस पर अभियान ही शुरू कर दिया।
बिहार मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को अपना पहला संशोधित वोटर लिस्ट ड्राफ्ट जारी कर दिया। राज्य के जिन 38 जिलों के लिए इस वोटर लिस्ट ड्राफ्ट को जारी किया गया है, उनमें सबसे ज्यादा वोटरों के नाम पटना जिले से कटे हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर के बाद बिहार के कुल 78969844 मतदाताओं में से 6564075 वोटरों के नाम हटा दिए हैं। वर्तमान में जो ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई है, उसमें 72405756 वोटरों के नाम शामिल हैं। इस मामले पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने आज प्रेस कॉन्फे्रंस करके बड़ी जानकारी दी। तेजस्वी यादव ने कहा, मेरा खुद का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। तेजस्वी के इस आरोप का चुनाव आयोग ने जवाब दिया है, उसने वोटर लिस्ट दिखाकर बताया कि तेजस्वी का नाम सूची में मौजूद है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एमएस ने भी कहा कि ज्ञात हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन, पटना द्वारा जांच की गई। इसमें यह स्पष्ट हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज है। वर्तमान में उनका नाम मतदान केन्द्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर अंकित है। पूर्व में उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था। इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि हम शुरू से ही इस पूरे मामले पर अपनी आवाज को उठाते रहे। हमारे सुझाव को नहीं माना गया। सुप्रीम कोर्ट के सुझाव की भी अनदेखी चुनाव आयोग की तरफ से की गई। शुरू से ही हमारा कहना था कि जो नई वोटर लिस्ट आएगी तो कई गरीब लोगों के नाम नहीं रहेंगे, लेकिन चुनाव आयोग का कहना था कि किसी का नाम नहीं कटेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, उनका नाम काट दिया गया है, उन्होंने सवाल पूछा है कि अब मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा। तेजस्वी ने दावा किया है कि उन्होंने एसआईआर के दौरान गणना प्रपत्र भी भरा था, इसके बावजूद भी नाम काटा गया है। तेजस्वी नेता ने कहा कि चुनाव आयोग के द्वारा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सूची सभी राजनीतिक दलों को दी जा रही है, लेकिन चोर की दाढ़ी में तिनका है, वह हम लोग बताएंगे। चुनाव आयोग के द्वारा कहा गया था कि मतदाता सूची से हटाए गए हर नाम की जानकारी और कारण बताया जाएगा। कल हमारा महागठबंधन के डेलिगेशन चुनाव आयोग गया था। हमने अपनी बातों को रखा है, लेकिन चुनाव आयोग ने एक बार भी हमारी बातों पर गौर नहीं किया। जो दो गुजराती बताएंगे, वही बिहार का वोटर होगा। जब वो कहेंगे बिहार की वोटर लिस्ट में उसी का नाम जाएगा। इसी प्रकार की गड़बड़ी चुनाव आयोग यहां करने के मूड में है। चुनाव आयोग ने नाम काटने की जानकारी तो दी है, लेकिन यह नहीं बताया कि नाम को किन कारण से काटा गया है, उन्होंने कई विधानसभा क्षेत्रों का हवाला भी दिया।
#WATCH | Patna, Bihar: "My name is not there in the electoral roll. How will I contest the elections?" asks RJD leader Tejashwi Yadav, as his EPIC number is unable to fetch his name in the electoral roll. pic.twitter.com/eF2VkeNIRw
— ANI (@ANI) August 2, 2025
उन्होंने कहा कि हर विधानसभा से 20 से 30 हजार नाम काटे गए हैं। लगभग 8.50 प्रतिशत नाम काट दिए गए हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने चालाकी और साजिश करते हुए न तो बूथ का नाम दिया है और न ही वोटर का पता दिया है, जबकि चुनाव आयोग को हम चुनौती दे रहे हैं कि वह पूरी जानकारी दे। चुनाव आयोग अपनी तरफ से जो भी जानकारी उपलब्ध कराता था, तो विभिन्न कारणों का हवाला देता था और बताया जाता था कि किन कारणों से नाम कटा है।
कुल 65 लाख यानी साढ़े 8 फीसदी के करीब वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं। इस दौरान तेजस्वी यादव ने बयान देते हुए ये कहा कि मेरा खुद का नाम लिस्ट में नहीं है। हालांकि तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के दावे को गलत बताते हुए पूरी लिस्ट को जारी कर दिया है। इस लिस्ट में साफ देखा जा सकता है कि तेजस्वी यादव इस वोटर लिस्ट में 416वें स्थान पर हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि तेजस्वी का नाम वोटर लिस्ट में है। तेजस्वी जिस एपिक नंबर से चेक कर रहे थे, वो एपिक नंबर बदल गया है। नया एपिक नंबर डालने के बाद वोटरलिस्ट में तेजस्वी यादव का नाम दिख रहा है।
