अयोध्या पहुंचे महानायक अमिताभ बच्चन ने रामलला के दरबार में टेका माथा,कल्याण ज्वेलरी शोरूम का किया उद्घाटन
अमिताभ श्रीवास्तव।
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। बीती 22 जनवरी को संपन्न हुए भगवान श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अपनी हाजिरी लगाने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर सदी के महानायक कहे जाने वाले फिल्म जगत के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन अयोध्या पहुंचे।इस बार श्री बच्चन का कार्यक्रम कुल मिलाकर धार्मिक,व्यवसायिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा।ये तीनों सरोकार एक साथ इसलिए नजर आए क्योंकि श्री बच्चन ने अयोध्या पहुंचते ही भगवान श्री रामलला के दरबार में माथा टेका और उसके बाद देश के नामी गिरामी ज्वेलरी प्रतिष्ठान कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम का उद्घाटन किया।उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने जिन भी पहलुओं पर चर्चा की,वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े पहलू थे,इसलिए उनके कार्यक्रम को इन तीनों सरोकार से जोड़कर देखा जा रहा है।श्री बच्चन के कार्यक्रम को देखते हुए शहर की सीमा से लेकर रामनगरी के अंतिम छोर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।शुक्रवार की पूर्वाह्न अयोध्या पहुंचने के बाद फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन सीधे श्री जन्मभूमि गये और भगवान श्री रामलला के दरबार मे माथा टेका।यहां भगवान श्री राम लला के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने श्री बच्चन को माला,फूल और प्रसाद देकर उनका सत्कार किया।दर्शन पूजन करने के बाद अपने अगले कार्यक्रम में श्री बच्चन सिविल लाइन्स स्थित नामी गिरामी ज्वेलरी प्रतिष्ठान कल्याण ज्वेलर्स का उद्घाटन करने पहुंचे।कार्यक्रम के दौरान महानायक श्री बच्चन ने कहा कि बीती 22 जनवरी को भगवान श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मैं शामिल हुआ और आज भी अयोध्या पहुंच कर राम लला का दर्शन किया,अब तो अयोध्या आना जाना लगा ही रहेगा।श्री बच्चन की इस टिप्पणी को उनके द्वारा लोढ़ा ग्रुप से अयोध्या में जमीन लेने को जोड़कर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान पुरानी बातों को ताजा करते हुए श्री बच्चन ने कहा कि जब मैं कहीं जाता हूं तो लोग कहते हैं आप मुंबई रहते हैं यहां आना जाना नहीं होगा,कैसे आपके साथ ताल्लुक बढ़ाया जाएगा?इसके जवाब में उन्होंने अपने पिता स्व.हरिबंशराय बच्चन की कही एक अवधी कहावत कि “हाथी घूमै गांव गांव,जेकर हांथी वही कै नांव” सुनाकर कहा कि क्योंकि हमारी पैदाइश इलाहाबाद की है,हम दिल्ली रहे,कोलकाता रहे,मुंबई रहे।मसलन यह सच है कि हम इलाहाबाद में रहे, कोलकाता में रहे,दिल्ली में रहे और मुंबई में रहे लेकिन जहां कहीं भी रहे,कहलाए गए छोरा गंगा किनारे वाला।इस दौरान उनके साथ कल्याण ज्वेलर्स प्रतिष्ठान से जुड़े लोग मौजूद रहे।
