
घर से पुलिस पूछताछ के लिए ले गयी थी, रास्ते में कार में पड़ा मिला
एसपी आवास का ग्रामीणों ने घेराव कर कार्यवाही की मांग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। युवक की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से मिलकर हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए एसपी आवास का घेराव कर कार्यवाही की मांग की।
जानकारी के अनुसार थाना मेरापुर के ग्राम रुपनगर निवासी २१ वर्षीय दिलीप कुमार पुत्र वे्रश कुमार को बीती रात्रि पुलिस कर्मी एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाकर ले गये थे। पीडि़त के भाई ने जानकारी करनी चाही तो पता चला कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराये जाने की मांग की। वहीं मृतक के भाई पिन्टू उर्फ प्रदीप अपने परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक आवास पहुंच गया। पीडि़त ने दिये गये शिकायती पत्र में दर्शाया कि ९ सितम्बर की शाम ५ बजे दरोगा लव कुमार, दरोगा पंचाल कुमार व अज्ञात सिपाही आये और कहा कि दिलीप को एसओ मेरापुर ने पूछताछ के लिए बुलाया है और मेरापुर की कहकर मेरे भाई को ले गये। शाम ७ बजे मैंने अपने भाई से फोन पर सम्पर्क किया तो उसने कहा कि पांच मिनट बाद बात करेंगे। कुछ देर बाद पुन: फोन किया, लेकिन फोन उठा नहीं। जिसके बाद अनहोनी की आशंका होने पर मैं मेरापुर थाना पहुंचा तो वहा पता चला कि मेरा भाई पखना चौकी में है तो मैं वहां पहुंचा तो देखा कि पुलिस कर्मी मेरे गांव के विरोधी लेखराज, गोविन्द, आलोक आदि लोगों के साथ मिलकर मेरे भाई को मारपीट कर रहे थे। विरोध करने पर मुझे जानमाल की धमकी देकर भगा दिया। मेरे दूसरे भाई को लेखराज ने भ_े पर बताया कि तुम्हारे भाई की पुलिस कर्मियों ने हम लोगों के सहयोग से हत्या कर दी है। जिसके बाद मैं अपने अन्य परिजनों के साथ मेरापुर थाने पहुंचा वहां मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरे भाई का फोन भी आरोपियों ने रख लिया है। इस संदर्भ में कायमगंज के सीओ सोहराब आलम ने बताया कि रात 9 बजे पुलिस को पखना चौराहे के निकट लाल रंग की कार क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली। इसी सूचना पर मेरापुर थानाध्यक्ष, संकिसा चौकी इंचार्ज के साथ मौके पर पहुंचे। कार की चालक सीट पर दिलीप व दूसरी सीट पर रोहित पड़ा था। पुलिस ने दोनों को मोहम्मदाबाद सीएससी पहुंचाया। डॉक्टर ने दिलीप को मृत घोषित कर दिया। घायल रोहित को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीओ ने बताया कि मृतक दिलीप पखना चौकी इंचार्ज का दोस्त था, वह निजी कार्य के लिए चौकी इंचार्ज की कार मांग कर ले गया था। हालत बिगडऩे पर रोहित को सैफई के लिए रेफर कर दिया गया। इस घटना से मृतक की मां शीला देवी, भाई नवनीत, पिन्टू, कौशलेन्द्र, बहन सीमा, दिव्यांशी आदि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतक दिलीप पर छेड़छाड़ व घर में घुसकर मारपीट कर मुकदमा दर्ज था
मेरापुर। गांव के रघुवीर सिंह पुत्र शान्ती सिंह ने दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया कि ५ सितम्बर की रात्रि ९:३० बजे पुत्रवधू शौच करने खेत पर गयी थी। वापस आने पर कवरस्थान के पास दिलीप ने पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। पुत्रवधू ने लौटा मारकर छूटकर भाग आयी और घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद दिलीप, प्रदीप उर्फ पिन्टू, नवनीत, कौशल, रतनेश पुत्र मिलाप सिंह एकसाथ घर में घुस आये और मारपीट कर जानमाल की धमकी दी थी। पुलिस ने उक्त लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।
