मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म, सरकार ने मानी 8 में से 6 मांगें

समृद्धि न्यूज। मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जरांगे ने पांच दिन के अनशन के बाद जीत का एलान किया और कहा कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं। जरांगे ने सरकार को दो महीने का समय दिया है कि मराठा और कुनबी को एक ही समुदाय मानते हुए जीआर जारी करे। मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने आमरण अनशन खत्म कर दिया है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जूस पिलाकर उनका अनशन तोड़ा। जरांगे 29 अगस्त से अनशन कर रहे थे। सरकार के साथ बैठक के बाद जरांगे ने अपना अनशन तोड़ा। उनकी मांगें भी मान ली गई है। जारंगे पाटिल ने सरकार द्वारा दिए गए जीआर को स्वीकार कर लिया है। जरांगे को आजाद मैदान खाली करने के लिए कल यानी बुधवार सुबह तक का समय दिया गया है। उन्हें और उनके समर्थकों को कल सुबह तक आजाद मैदान खाली करना होगा। इससे पहले हाई कोर्ट ने मंगलवार दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान को खाली करने का आदेश दिया था। वहीं, इस बीच सरकार ने उनकी सात में पांच डिमांड मंजूर कर ली है, दो डिमांच अधूरी है। मंगलवार को जरांगे के आमरण अनशन का पांचवां दिन था। पुलिस जब आजाद मैदान खाली कराने पहुंची तो जरांगे के समर्थकों और पुलिस में बहस छिड़ गई। हाई कोर्ट में कल 1 बजे दोबारा इस मामले पर सुनवाई होगी। जरांगे पिछले चार दिनों से मुंबई में भूख हड़ताल पर बैठे थे। मनोज जरांगे पाटिल ने अनशन खत्म करने के बाद कहा कि आज हमारे लिए दिवाली है, हमें जो चाहिए था, वह मिल गया। सरकार की ओर से जारी सरकारी आदेश (जीआर) स्वीकार करते हुए उन्होंने भावुक होकर उपवास तोड़ दिया। राज्य सरकार की कैबिनेट उपसमिति के प्रमुख राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे का आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उपसमिति ने हैदराबाद गजट लागू करने और कुनबी प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई है। इस फैसले के बाद आंदोलनकारी खुश नजर आए और माहौल में उत्सव जैसी स्थिति दिखी।

राज्य सरकार ने जो 6 मांगे

  1. हैदराबाद गज़ट लागू करने का निर्णय
  2. सातारा और औंध गज़ट्स की लागू करने की प्रक्रिया (15 दिनों में कानूनी अड़चनें दूर होंगी)
  3. आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन
  4. आंदोलन में मारे गए परिवारों को 15 करोड़ की आर्थिक सहायता और पात्रता अनुसार सरकारी नौकरी
  5. 58 लाख कुनाबी नोंदी ग्राम पंचायत स्तर पर लगाई जाएगी
  6. वंशवली (शिंदे) समिति को कार्यालय और कार्यावधि बढ़ाई जाएगी
  7. अब भी लंबित/आंशिक रूप से मान्य मांगें

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