समृद्धि न्यूज। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 37 साल पुराने आर्मेनिया- अजऱबैजान युद्ध को खत्म करवा दिया है। व्हाइट हाउस में दोनों देशों के नेताओं ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सालों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करेगा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगा।
अमेरिका और यहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सियासत लगातार चर्चा में है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति की मौजूदगी में एशियाई मुल्क आर्मेनिया और कॉकेशस के पास बसे देश अजरबैजान ने शांति संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एशिया की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे देश भारत और दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान के साथ परमाणु संघर्ष का भी जिक्र कर सबको चौंका दिया। उन्होंने खुद को शांति प्रिय राष्ट्रपति बताते हुए कहा, राष्ट्रपति के रूप में, मेरी सर्वोच्च आकांक्षा दुनिया में शांति और स्थिरता लाना है।
#WATCH | Washington, DC | US President Donald Trump says, "As president, my highest aspiration is to bring peace and stability to the world. Today's signing follows our success with India and Pakistan. They were going at it. They were going at it big. And, they were great leaders… pic.twitter.com/uLQA3lsHYl
— ANI (@ANI) August 8, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आने से पहले दावा किया था कि वह रूस और यूके्रन की जंग को खत्म कर देंगे। हालांकि वे इस काम वे अब तक कामयाब नहीं हो पाए हैं। वहीं दूसरी ओर उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच चल रही 37 साल पुरानी जंग खत्म करा दी है। दोनों देशों के बीच दशकों से संघर्ष देखने को मिला है। व्हाइट हाउस में हुए दोनों देशों के बीच समझौते के अनुसार सालों पुराना संघर्ष समाप्त करना है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और कूटनीतिक रिश्तों में भी मजबूती लाना है।
हमारी सफलता के बाद आज के समझौते पर हस्ताक्षर
राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते 10 मई को हुए सीजफायर का परोक्ष उल्लेख करते हुए कहा, पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सफलता मिली। हमारी सफलता के बाद आज के समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। ट्रंप ने जब यह टिप्पणी की तो आर्मेनिया और अजरबैजान के राष्ट्राध्यक्ष वहीं मौजूद थे। आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच दशकों पुरानी लड़ाई को खत्म कराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि 35 साल तक लड़ते रहे, अब दोस्त हैं। दोनों देशों के नेताओं ने ट्रंप की तारीफ करते हुए उन्हें संघर्ष खत्म करने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की बात भी कही। अलीयेव ने कहा, अगर राष्ट्रपति ट्रंप को नहीं, तो नोबेल शांति पुरस्कार किसे मिलना चाहिए।
6 देशों की लड़ाई रुकवाने का ट्रंप ने किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही रूस और यूके्रन जंग रुकवाने की कोशिश में लगे हुए हैं, हालांकि इस काम में उन्हें सफलता मिलती नहीं दिखाई दे रही है। तो वहीं दूसरी तरफ वे अपने दूसरे कार्यकाल में 6 देशों के बीच जंग रूकवाने का दावा कर चुके हैं। इनमें भारत-पाकिस्तान, इजराइल-ईरान, थाईलैंड-कंबोडिया, रवांडा-कांगो, सर्बिया-कोसावो और मिस्र-इथियोपिया विवाद सुलझाने की बात कही है।
