उन्नाव, समृद्धि न्यूज। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करके 112.160 मीटर पर पहुंच गया। इससे कटरी क्षेत्र के गांवों में हालात भयावह होने शुरू हो गए। परियर क्षेत्र में घरों के बाहर तक पानी पहुंच गया। वहीं सफीपुर व फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में रास्तों के ऊपर से पानी का बहाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होने लगा है। जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दीं हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के देवीपुरवा, मानाबंगला, बाबूबंगला, मरौंदा, पनपथा, कोलवा, टपरा आदि गांवों में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के साथ ही पानी पनपथा, देवीपुरवा, मरौंदा व बाबूबंगला के घरों के बाहर तक पहुंच गया है। वहीं कटरी क्षेत्र में किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीण दिन रात बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को खेत जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
गंगा नदी में पानी बढ़ने के बाद उफनाई कल्याणी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की धड़कने बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के जमालनगर गैर एहतमाली में बने कल्याणी नदी के पुल पर पानी पहुंच गया है। उसकी सुरक्षा दीवार को पार करने में मात्र एक फिट की दूरी शेष है। इससे अल्लीपुर, शेरपुर, जमालनगर, उडंकपुरवा, इब्राहीमाबाद, खैरी चंदेला, ददलहा, हमजापुर आदि गांव के किसान गृहस्थी सुरक्षित करने की जुगत में लग गए। कारीमाबाद निवासी अंबिका प्रसाद व उडंकपुरवा के शिवशंकर ने बताया कि पानी कल्याणी नदी के ऊपर से बहने लगा है। इससे जल्द ही मार्ग से आवागमन बंद होने की आशंका है। एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि नाविक एलर्ट मोड पर हैं। बाढ़ का खतरा बढ़ता है तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से चिरंजूपुरवा-शहरिया सलेमपुर मार्ग की पुलिया के पास पानी भर गया है। इससे कुशेहर बंगला, शहरिया सलेमपुर का जहां संपर्क टूट गया है। वहीं चिरंजूपुरवा के ग्रामीणों को भी आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। चिरंजूपुरवा के अवधेश, शिवनाथ, रघुनंदन, कल्लू, लक्ष्मीनारायण व परमेश्वर के घर के पास भी गंगा का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो गांव चिरंजूपुरवा, शहरिया सलेमपुर बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
पिछले कई वर्षों से गंगा नदी में आ रही बाढ़ से किसानों की ये सभी फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न होकर सड़ जाती हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। इससे क्षुब्ध होकर किसानों ने इस बार गंगा के तटवर्ती इलाकों में किसी प्रकार की कोई फसल नहीं बोई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जिससे प्रशासनिक अधिकारी सभी हालातो को लेकर निगरानी बनाए हुए है।
