समृद्धि न्यूज। आईएमएफ के ताजा आंकड़ों के आधार पर एलन मस्क ने कहा है कि वैश्विक शक्ति संतुलन बदल रहा है। 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान 17 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अमेरिका से अधिक है। चीन और भारत मिलकर 43.6 प्रतिशत वैश्विक वृद्धि में योगदान देंगे। आईएमएफ के ताजा अनुमानों ने दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव की ओर इशारा किया है। 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत और चीन का योगदान 43.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि भारत अकेले 17 प्रतिशत के साथ अमेरिका से आगे है। ऐसे में एलन मस्क ने जो इस अनुमान पर प्रतिक्रिया दी है, चर्चा का विषय बन गया है। आईएमएफ के इस चार्ट में 2026 में ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ में योगदान देने वाले शीर्ष 10 देशों को दर्शाया गया है, चार्ट में चीन को पहले, भारत को दूसरे और अमेरिका को तीसरे स्थान पर रखा गया है। आईएमएफ के मुताबिक चीन और भारत मिलकर इस वर्ष वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे। जिसमें अकेले भारत का हिस्सा 17 प्रतिशत रहेगा। चीन का योगदान 26.6 प्रतिशत रहेगा। इसके मुकाबले अमेरिका का योगदान सिर्फ 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एलन मस्क की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता और बढ़ते व्यापार तनावों से जूझ रही है। इसके पीछे की बड़ी वजहों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन और भारत जैसे देशों पर लगाए गए कड़े टैरिफ भी शामिल हैं। आईएमएफ का यह चार्ट वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र पश्चिम पूर्व (अमेरिका-यूरोप से एशिया) की ओर खिसकने की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी उम्मीदों में गिरावट या भू-राजनीतिक तनाव बढऩे से आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह रिपोर्ट खास तौर पर सकारात्मक मानी जा रही है, क्योंकि 2025 के लिए उसकी विकास दर को 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका कारण तीसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन और चौथी तिमाही में मजबूत रफ्तार बताया गया है। ग्लोबल ग्रोथ में चीन और भारत की हिस्सेदारी 43.6 फीसदी पहुंच गई है जबकि एशिया-पैसिफिक की हिस्सेदारी 50 फीसदी है। ग्लोबल रियल जीडीपी में सबसे ज्यादा योगदान करने वाले देशों की लिस्ट में इंडोनेशिया 3.8 फीसदी के साथ चौथे नंबर पर है जबकि तुर्की 2.2 फीसदी के साथ पांचवें नंबर पर है। इस लिस्ट में अफ्रीकी देश नाइजीरिया 1.5 फीसदी के साथ छठे, ब्राजील 1.5 फीसदी के साथ सातवें, वियतनाम 1.6 फीसदी के साथ आठवें, सऊदी अरब 1.7 फीसदी के साथ नौवें और जर्मनी 0.9 फीसदी के साथ दसवें नंबर पर है। हालांकि नॉमिनल जीडीपी के लिहाज से अमेरिका का दबदबा अभी कायम है। 31.82 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। चीन 20.65 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे, जर्मनी 5.33 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे और भारत 4.51 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथे स्थान पर है।
आंकड़े देख दुनिया दंग! चीन और भारत खींच रहे ग्लोबल इकॉनमी की गाड़ी
