समृद्धि न्यूज। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ को लेकर भारत को धमकी दी है। भारत रूस से कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है, जिसने इस साल जनवरी से जून तक प्रतिदिन लगभग 17.5 लाख बैरल तेल का आयात किया, जो एक साल पहले की तुलना में 1 फीसदी अधिक है। भारत-रूस संबंधों को लेकर भडक़े ट्रंप ने कहा कि भारत अब अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं रहा। भारत पर अगले 24 घंटे में टैरिफ बढ़ाए जाएंगे। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत सबसे अधिक टैरिफ वाला देश है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 घंटे में भारत को लगातार दूसरी धमकी दे डाली है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत एक अच्छा व्यापारिक साझेदार नहीं रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत लगातार रूसी तेल खरीद रहा है। अगर भारत ने तुरंत इसे नहीं रोका तो वह अगले 24 घंटों में भारत से आयातित वस्तुओं पर वर्तमान 25 फीसदी की दर को और ज्यादा बढ़ा देंगे। ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे युद्ध मशीन को फ्यूल देने का काम कर रहे हैं। अगर वे ऐसा करने जा रहे हैं, तो मुझे खुशी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मुख्य समस्या यह है कि उसके शुल्क बहुत ज़्यादा हैं। यह बात ट्रंप द्वारा भारत पर अमेरिकी शुल्क काफी बढ़ाने की घोषणा के एक दिन बाद आया है। उन्होंने भारत पर भारी मात्रा में रूसी तेल खरीदने और उसे बड़े मुनाफे पर बेचने का आरोप लगाया है।
इसके बाद ट्रंप की टैरिफ धमकी पर विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि यह उजागर हो रहा है कि भारत की आलोचना करने वाले देश स्वयं रूस के साथ व्यापार में लिप्त हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने रूस से तेल इसलिए खरीदा क्योंकि पहले जहां से तेल आता था, वहां का तेल युद्ध के कारण अब यूरोप को भेजा जाने लगा था। उस समय अमेरिका ने भी भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहे। भारत जो भी तेल रूस से मंगवा रहा है, उसका मकसद यही है कि देश में उपभोक्ताओं को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा मिल सके। रूस से तेल आयात करना भारत की एक मजबूरी है, जो वैश्विक बाजार की स्थिति के कारण है। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश भारत की आलोचना कर रहे हैं, वही खुद रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं।
भारत और अमेरिका के बीच अचानक दरार 31 जुलाई से और गहरी होती जा रही है। जब ट्रंप ने अमेरिका भेजे जाने वाले भारतीय सामानों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की और पहली बार रूसी तेल खरीदने पर जुर्माना लगाने की धमकी दी। भारत रूस से कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है, जिसने इस साल जनवरी से जून तक प्रतिदिन लगभग 17.5 लाख बैरल तेल का आयात किया, जो एक साल पहले की तुलना में 1 फीसदी अधिक है।
