अलग-अलग घटना में बच्चियों से दुष्कर्म करने के मामले में दो को आजीवन कारावास

समृद्धि न्यूज। अलग-अलग दुष्कर्म के मामले में न्यायाधीश ने दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा व अर्थ दण्ड से भी दंडित किया।
कानपुर देहात के रसूलाबाद कस्बे के एक मोहल्ले की सात साल की बच्ची को फुसलाकर खेत में ले जाकर दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट ने अभियुक्त नन्हे दिवाकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया।
रसूलाबाद कस्बे के एक मोहल्ला निवासी युवक ने दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया था कि 23 अप्रैल 2020 को वह खेतों में गेहूं की फसल की कटाई करने गया था। उनकी सात साल की बच्ची घर में अकेली थी। उसको पड़ोस में रहने वाला अधेड़ नन्हें दादा उर्फ नन्हें दिवाकर बच्ची को बहलाकर बस्ती से दूर खेत में ले जाने के बाद उनके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था। केस की सुनवाई मौजूदा समय में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट शरदकुमार त्रिपाठी की कोर्ट संख्या-13 में हो रही थी। विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि मामले में बयानों और दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने बच्ची से से दुष्कर्म सुनन में आरोपित नन्हें दिवाकर को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।

अभियुक्त इरफान को आजीवन कारावास

उन्नाव। ढाई साल पहले किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने दर्ज कराये मुकदमे में दर्शाया था कि 20 जून 2022 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया गया। उसके अनुसार 20 जून 2022 की सुबह बेटी, छोटी बहन के साथ खेत जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रास्ते में एक व्यक्ति ने उसे झांडियों में खींच लिया और दुष्कर्म किया। आरोपी की पहचान न हो पाने पर पहले पुलिस में अज्ञात की रिपोर्ट दर्ज कर पीडि़ता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया था। दो दिन बाद वह अपनी बेटियों के साथ बाजार जाने को निकली थी। रास्ते में एक व्यक्ति को देखकर बेटी चीखने लगी। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने उस व्यक्ति को रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस उसे लेकर थाना आई जहां उसने अपना परिचय सदर कोतवाली क्षेत्र के मसवासी गांव निवासी इरफान पुत्र जमालुद्दीन बताया। किशोरी ने दुष्कर्म करने के आरोप लगाए। जिसपर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। मुकदमें की विवेचना तत्कालीन सीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह ने की और आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए 30 जुलाई 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय द्वादश में विचाराधीन था। शनिवार को मुकदमें की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की दलील व साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार यादव ने अभियुक्त इरफफान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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