फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गैंगेस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगेस्ट एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने अभियुक्त विजय पाल व पंजाबी को दोषी करार देते हुए 6-6 वर्ष का कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
27 मार्च 2004 को तत्कालीन थानाध्यक्ष कमालगंज विनय कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दर्शाया था कि गैंग लीडर विजय पुत्र मैकूलाल निवासी देवधरापुर व उसका साथी पंजीबी पुत्र मैकू लाल 26 मार्च 2004 को डीएम द्वारा अनुमोदितशुदा प्राप्त हुआ। अभियुक्तगण जघन्य अपराध करके लोगों का उत्पीडऩ कर जीवन को संकट में डालकर आर्थिक व अनुचित लाभ अर्जित करते है। जिसके तहत 27 मार्च 2004 को गैंगेस्टर के तहत कार्यवाही की गयी थी। जिसकी सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगेस्ट एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने अभियुक्त विजय पाल व पंजाबी को दोषी करार देते हुए 6-6 वर्ष का कारावास व 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही न्यायाधीश ने केंद्रीय कारागार को आदेश दिया है कि अभियुक्तगणों को अपनी अभिरक्षा में इस वारंट सहित लेकर उक्त दण्ड को विधि अनुसार निष्पादित करें। साथ ही अभियुक्तों द्वारा जेल में बितायी गई अवधि को सजा में समायोजित की जायेगी।
गैंगेस्टर एक्ट के मामले में दो को छह-छह माह का कारावास
