संसद में सुबह 10 बजे से होगा मतदान, शाम को घोषित होंगे परिणाम
समृद्धि न्यूज। देश के 17वें उपराष्ट्रपति का फैसला मंगलवार को हो जाएगा। उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के बी सुदर्शन रेड्डी आमने-सामने है। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। शाम को रिजल्ट घोषित होंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हिप जारी नहीं होता और गुप्त मतदान होता है। चुनाव में राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का पलड़ा अपने प्रतिद्वंद्वी व विपक्षी गठबंधन इंडिया के साझा उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी की तुलना में भारी माना जा रहा है। बीजू जनता दल (बीजद), शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। इससे राजग की स्थिति और मजबूत हो गई है। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हो रहे इस चुनाव में सत्तारूढ़ राजग की निगाहें जीत का अंतर बड़ा करने पर टिकी हैं। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी बनाए दलों को साधने के साथ विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों के कुछ सांसदों का समर्थन हासिल करने की कोशिश है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आज यानी मंगलवार को वोटिंग है। सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी और छह बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। नतीजा भी उसी शाम आ जाएगा। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन हैं तो वहीं इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं। इसमें राज्यसभा के मनोनीत सांसद भी वोट डालते है, इसके लिए व्हिप जारी नहीं होता और गुप्त मतदान होता है। सांसद अपनी मर्जी के हिसाब से वोट डालने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन मोटे तौर पर पार्टी लाइन के हिसाब से ही वोट डाले जाते हैं। हालांकि, पहले के चुनावों में क्रॉस वोटिंग होती आई है और इस बार भी इसकी संभावना है। इस समय राज्यसभा में 239 और लोकसभा में 542 सांसद हैं यानी जीत के लिए 391 का आंकड़ा चाहिए। एनडीए के पास 425 सांसद हैं, जबकि उसे कुछ अन्य दलों के वोट मिलने का भी भरोसा है।
भाजपा सूत्रों का दावा है, उसे भाजपा-कांग्रेस से समान दूरी बना कर रखने वाले 48 सांसदों वाले खेमे से ज्यादातर मत मिलेंगे। भाजपा की निगाहें तीन निर्दलीय सांसदों के अलावा जेडपीएम, वीओटीटीपी के एक-एक वोट पर भी हैं।
वहीं, विपक्ष की कोशिश इस चुनाव के बहाने एकजुटता दिखाने की है। विपक्ष भी राजग खेमे में सेंध लगाने की कोशिश में जुटा है। गठबंधन को सहयोगियों से इतर एआईएमआईएमए आजाद समाज पार्टी व चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिला है। रणनीतिकारों को उम्मीद है कि संविधान बचाओ के दांव व अंतरात्मा की आवाज पर वोट और तेलुगु प्राइड की अपील से राजग में सेंध लगाई जा सकती है।
पिछले चुनाव में 2022 में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों से हराया था। इस बार जीत का अंतर इतना बड़ा नहीं रहेगा, क्योंकि विपक्ष पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है। एनडीए सूत्रों का कहना है कि राज्य सभा में 150 वोट विपक्ष के उम्मीदवार के खिलाफ रहेंगे और उन्हें 90 से कम वोट मिलेंगे। इसी तरह लोकसभा में भी कुछ ऐसे सांसदों पर एनडीए की नजरें हैं जो पार्टी लाइन से हट कर उनके साथ आ सकें।
