कताई मिल की बिक्री की सूचना पर श्रमिकों बैठक कर जताया कड़ा विरोध

बोले पहले उनका बकाया पीएफ, वेतन, ग्रेच्युटी, बोनस का किया जाये भुगतान
कम्पिल, समृद्धि न्यूज। वर्ष 2000 से बंद पड़ी उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल कंपिल में बीते कुछ दिनों से कराए जा रहे सफाई कार्य ने श्रमिकों के बीच हलचल तेज कर दी है। श्रमिकों का कहना है कि इससे यह संकेत मिल रहा है कि कताई मिल परिसर को किसी निजी कंपनी को सौंपकर वहां नया कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
इसी बीच उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल संयुक्त संघर्ष मोर्चा के महामंत्री मानसिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कताई मिल परिसर की इमारत को करीब 7 करोड़ रुपये में मनोहर माणिक एलॉयज प्राइवेट लिमिटेड (मुंबई) को बेच दिया गया है। यह कंपनी लौह स्क्रैप, लौह एवं अलौह धातुओं का व्यापार करती है। आरोप है कि कंपनी मिल परिसर की इमारत का ध्वस्तीकरण कर मशीनों समेत सारा सामान अपने साथ ले जाने की तैयारी में है। इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को मिल के श्रमिकों ने कताई मिल परिसर में बैठक कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैठक में श्रमिकों ने 15 सूत्रीय मांगपत्र रखते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी नए प्रोजेक्ट, बिक्री या ध्वस्तीकरण से पहले वर्षों से लंबित पीएफ, वेतन, ग्रेच्युटी, बोनस व अन्य देयों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों का कहना है कि जब तक पूरा बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक परिसर में किसी भी प्रकार का नया कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।
श्रमिकों ने बताया कि 17 जुलाई 2023 को फंड कमिश्नर द्वारा पीएफ जमा कराने के आदेश के बावजूद अब तक राशि जमा नहीं की गई है। इसके अलावा बिना अनुमति लगाए गए लेऑफ (बैठकी) का वेतन और बोनस भी लंबित है। मांगपत्र में सभी देयों पर 9.5 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान, बीआरएस आदेश के बाद भी बंद मिलों के श्रमिकों को भुगतान न होना, वित्तीय संकट के दौरान की गई वेतन कटौती की वापसी, मृत श्रमिकों की विधवाओं को पेंशन लाभ तथा बंद मिलों की भूमि पर रोजगार व आवास सुविधा उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। श्रमिक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगों का समाधान नहीं किया गया और बिना बकाया भुगतान के मिल परिसर का ध्वस्तीकरण या सामग्री हटाने का प्रयास किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन व आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लडऩे का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *