नौकरी के नाम पर लिये गये 3.38 लाख रुपये न लौटने पर युवक फांसी पर झूला

तीन पन्नों का लिखा सुसाइड नोट, पिता-पुत्र के खिलाफ दी नामजद तहरीर
कायमगंज, समृद्धि न्यूज।
पुलिस में नौकरी के नाम पर फर्जी तरीके से लिये गये 3 लाख 38 हजार रुपये न लौटाने तथा फोन न उठाने से क्षुब्ध पीडि़त युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीडि़त ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। घटना के संबंध में पिता-पुत्रों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गयी है।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुबारिक नगर निवासी अरुन जाटव उम्र 20 वर्षीय पुत्र अनिल कुमार जाटव की घर से कुछ ही दूरी पर सम्राट जनसेवा केन्द्र है। वह बीते कई दिनों अपने जनसेवा केन्द्र पर बैैठा था, तभी पड़ोसी डॉ0 विनीत कुमार से उसकी दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद डॉ0 विनीत कुमार ने अपने पिता विश्राम सिंह पुत्र राम विलास निवासी सियानी थाना मेरापुर से बात करवाई। अरुन कुमार डाक्टर सहित उसके पिता पर बहुत विश्वास करता था। विश्राम सिंह जाटव ने अरुन की पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर अरुन से 3 लाख 38 हजार रुपये ले लिए। बीते चार दिन पूर्व अरुन जाटव ने विश्राम से फोन द्वारा कहा कि तुमने हमारी नौकरी तो लगवाई नहीं अव तुम हमारे पैसे वापस लौटा दो। विश्राम ने कहा ठीक है। उसके बाद अरुन कुमार ने विश्राम को कई बार फोन किया, लेकिन विश्राम ने उसका कोई फोन नहीं उठाया। जिससे क्षुब्ध होकर अरुन जाटव ने घर के कमरे में पखे के कुन्डे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाई अजय उर्फ अज्जू सहित शानू ने भाई के शव को फाँसी के फन्दे से नीचे उतारकर सीएचसी कायमगंज लेकर आये। जहाँ डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव लेकर घर पहुॅचे। उसी दौरान विश्राम सिंह भी आ गया। मृतक के दोनों भाइयो ने विश्राम की जमकर पिटाई करते हुए कहा अगर तू हमारे भाई का फोन उठा लेता तो मेरा भाई आज जिन्दा होता। मेरे भाई से तूने नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिए थे। जब उसकी नौकरी नहीं लगी तब उसने अपने पैसे वापस मांगे। तुमने फोन नहीं उठाया। इसलिए मेरे भाई ने आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उसने सुसाइट नोट भी छोड़ा। जिसमें मौत का जिम्मेदार विश्राम व उसके पुत्र डॉ0 विनीत कुमार को माना है।

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