दो घंटे तक धरने पर बैठे ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द हत्या का खुलासा करने की किया मांग
-मृत श्रमिक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का दर्ज किया मुकदमा
हलिया (मिर्ज़ापुर): ड्रमण्डगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव निवासी श्रमिक का जंगल में दफनाया शव मिलने के दो दिन बाद भी हत्या का पर्दाफाश नही होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को मृतक की पत्नी और पुत्रों के साथ ड्रमंडगंज थाने का घेराव किया। ग्रामीण पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए थाना परिसर में धरने पर बैठ गए और हत्या का खुलासा किए जाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि शव मिलने के दो दिन बाद भी पुलिस हत्या करने वाले को नही पकड़ सकी है। ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े किए।मृत श्रमिक छोटकऊ के पुत्र पिंटू उर्फ रविन्द्र कुमार की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या मुकदमा दर्ज कर पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है।थानाध्यक्ष भारत सुमन के समझाने बुझाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने दो घंटे बाद धरना समाप्त किया।थानाध्यक्ष ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नही जाएगा। घटना की गहनता से जांच की जा रही है जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।देवहट गांव निवासी 56 वर्षीय लापता श्रमिक छोटकऊ कोल का गत 27 जनवरी को पांच दिन बाद सजहवा बाउली जंगल में शव दफनाया मिला था।छोटकऊ कोल गत 22 जनवरी की रात घर से तीन सौ मीटर दूर खेत पर फसलों की रखवाली करने गए थे उसके बाद घर वापस नही लौटे। पांच दिन बाद लापता श्रमिक का शव घर से तीन किलोमीटर दूर सजहवा बाउली जंगल के गढ्ढे में दफन मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटना की जांच कर शव को गढ्ढे से निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बुधवार रात श्रमिक का शव घर पहुंचा जहां ड्रमंडगंज पुलिस के अलावा हलिया और लालगंज पुलिस की मौजूदगी में देर रात दाह संस्कार किया गया।थानाध्यक्ष भारत सुमन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्रमिक के कनपटी और पसलियों में चोट के निशान पाए गए हैं। मृतक के पुत्र पिंटू कोल की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है।
