ग्राम प्रधान ने विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का किया बंदरबांट
प्रभारी डीपीआरओ बोले पूरे मामले की करायेंगे जांच
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। विकासखंड शमशाबाद की ग्राम पंचायत कुइयांधीर में नियमों को दरकिनार कर बिना टेंडर के निर्माण कार्य कराए जाने, हैंडपंप मरम्मत, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और सीसी रोड निर्माण के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत में कई निर्माण कार्य बिना किसी टेंडर प्रक्रिया और सूचना प्रकाशन के कराए गए, जबकि शासनादेश के अनुसार निर्धारित सीमा एक लाख से अधिक के कार्यों में टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य है। इसके बावजूद न तो निविदा आमंत्रित की गई और न ही कार्यों की सार्वजनिक सूचना दी गई। वहीं ग्राम प्रधान रानी देवी ने ग्राम पंचायत में हैंडपंप मरम्मत के नाम व स्वच्छता के नाम पर कई भुगतान किए गए हैं और हैंडपंप मरम्मत में वही पुरानी फोटो अपलोड करके जीओ टेक करके भुगतान किया गया।
जानकारी के अनुसार 14 दिसंबर को ग्राम पंचायत में ग्राम गौरव महिला स्वयं सहायता समूह के नाम पर 72,000 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि सामुदायिक शौचालय बंद पड़ा है। 14 दिसंबर को दो हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 19790 व 19662 का भुगतान किया गया। उसी दिन 34,918 तथा 35,335 रु हैंडपंप रिबोर के नाम से रुपये अजय मशीनरी स्टोर फर्म के नाम से भुगतान दर्शाया गया। 11 अक्टूबर को नल मरम्मत के नाम पर 19,578 रुपये व 19,625 रुपये का भुगतान किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर हैंडपंप पहले से ही चालू थे और कुछ जगहों पर मरम्मत कार्य हुआ ही नहीं।
बिना टेंडर सीसी निर्माण के भुगतान
ग्राम पंचायत में 1,85,125 रुपये, 1,55,211 रुपये, 2,07,671 रुपये कई बार सीसी निर्माण के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि किसी भी कार्य का टेंडर अथवा निविदा सूचना प्रकाशन नहीं किया गया। 25 फरवरी को गामा देवी मंदिर से जयवीर सिंह के घर तक 95 मीटर सीसी सडक़ के लिए 3,34,890 रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार लालू के घर से पंचायत घर तक सीसी निर्माण का भुगतान 4,85,337 रु भी बिना निविदा प्रक्रिया के कराया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पहले से पड़े खड़ंजे पर मात्र दो से तीन सेमी0 सीसी डालकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
स्ट्रीट लाइट खरीद में भारी अनियमितता
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पति की चहेती बालाजी ट्रेडर्स नामक फर्म को स्ट्रीट लाइट के नाम पर 3,27,753 रुपये का भुगतान किया गया। जबकि सरकारी मानकों के अनुसार एक स्ट्रीट लाइट की अनुमानित लागत 3,870 रुपये निर्धारित है। आरोप है कि लगभग 50 से 60 स्ट्रीट लाइटें लगाकर प्रति लाइट 1,500 से 1,800 रुपये तक का गोलमाल किया गया। न तो कार्य की निविदा सूचना प्रकाशित की गई और न ही वास्तविक मूल्य का मिलान किया गया।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लगातार भुगतान बिना कार्य और बिना टेंडर किए गए हैं, जिनमें कुछ भुगतान ऐसे खातों में भी गए हैं जिनका कार्य से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। इससे पूरे मामले में प्रधान पति प्रेमपाल व सचिव अरुण यादव की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला शासन स्तर तक ले जाया जाएगा।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी ?
प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी कपिल कुमार से जब इस संदर्भ में जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है, मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करायेंगे, जो भी दोषा होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
ग्राम पंचायत में घोटाला… बिना टेंडर निर्माण, हैंडपंप व स्ट्रीट लाइट कार्यों में लाखों का कराया भुगतान
