मुंबई से आए जैन श्रद्धालुओं ने भगवान विमलनाथ का किया अभिषेक

 सत्यप्रकाश अग्रवाल को उत्तर प्रदेश भामाशाह की उपाधि से किया गया सम्मानित
कंपिल, समृद्धि न्यूज। जैन आस्था के प्रमुख केंद्र कंपिल तीर्थ में गुरुवार को भक्ति और उत्साह का अनूठा दृश्य देखने को मिला। मुंबई से आए 300 जैन श्रद्धालुओं ने भगवान विमलनाथ के चरणों में शीश नवाकर सामूहिक अभिषेक एवं पूजन किया। तीर्थ परिसर मंत्रोच्चार और आराधना से गुंजायमान रहा।
श्री आर्य रक्षित तत्वज्ञान विद्यापीठ (मुंबई) एवं उत्तर प्रदेश कालिकाजी तीर्थ यात्रियों के संयुक्त तत्वावधान में यह यात्रा आयोजित की गई। यात्रा प्रभारी राजेश भाई के नेतृत्व में श्रद्धालु प्रात:काल मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की। दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष एक हजार साधकों के साथ पांच दिवसीय अष्टम तप साधना शिविर आयोजित करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के दौरान कंपिल तीर्थ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने पर उद्योगपति एवं समाजसेवी सत्यप्रकाश अग्रवाल को उत्तर प्रदेश भामाशाह की उपाधि से सम्मानित किया गया। उपस्थित गणमान्यजनों ने उन्हें उपरणा, शॉल और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। पंचकल्याणक यात्रा समिति की ओर से आयोजित सामूहिक अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। यात्रा प्रमुख राजेश भाई ने कहा कि यदि कंपिल में वार्षिक मेला नियमित रूप से आयोजित किया जाए और मुंबई से सीधी दैनिक रेल सेवा शुरू हो, तो यहां तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी कहा कि मुंबई सहित पश्चिम भारत से श्रद्धालुओं की विशेष आस्था इस तीर्थ से जुड़ी है। नियमित रेल सेवा प्रारंभ होने पर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का आगमन संभव है। मंदिर ट्रस्ट के सचिव मुकुंदजी शाह ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुंबई, अहमदाबाद, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि जैन परंपरा में अष्टम तप और सामूहिक साधना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। सामूहिक आराधना से जहां आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है, वहीं तीर्थ की गरिमा भी बढ़ती है।

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