फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गंगा नदी में मछलियों के प्रजनन काल (Breeding Season) को देखते हुए मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा मछली पकडऩे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, प्रतिबंध के इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और गंगा में धड़ल्ले से मछलियों का अवैध शिकार जारी है। प्रशासन द्वारा प्रजनन के समय तीन माह तक नदी, नालों, तालाबों में मछलियों के शिकार पर पाबंदी के बावजूद गंगा में शिकारी हावी हैं। शिकारियों के समूह मनमानी से हजारों मछलियों का शिकार कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 15 से अधिक शिकारी मछली मारते दिख रहे हैं। सीडीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है। एक जून से 31 अगस्त तक मछलियां प्रजनन कर परिवार बढ़ाती हैं। शासन के निर्देशों के अनुपालन में सीडीओ विनोद कुमार गौड़ ने 27 मई को तीन माह के लिए जिले भर की नदियों, जलाशयों, तालाबों में मछली का शिकार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते गंगा में मछलियों का शिकार धड़ल्ले से किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विकास भवन से चंद दूरी पर बरगदिया घाट पर गंगा में 15 से अधिक शिकारी जाल डालकर मछलियों का शिकार करते दिख रहे हैं।
मछलियों का शिकार अन्य स्थानों पर भी किया जा रहा है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों का आरोप है कि मत्स्य विभाग और स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण इन शिकारियों के हौसले बुलंद हैं। सीडीओ विनोद कुमार गौड़ ने बताया कि मछली का शिकार करते वीडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में आया है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। सच पता चलने पर कार्रवाई होगी। स्टॉफ कम होने की वजह से निगरानी सही से नहीं हो पा रही। अब टीम बनाकर नजर रखी जाएगी।
