
शमसाबाद, समृद्धि न्यूज। गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कटरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। जिसकी जद में आकर एक पक्का मकान कट गया है तथा कई झोपडिय़ां व मकान कटने की कगार पर पहुंच गये हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है। इसके साथ ही पशुओं के चारे आदि का संकट खड़ा हो गया है। गंगा नदी के बढ़ रहे जलस्तर से शमसाबाद कटरी क्षेत्र में इन दिनों बाढ़ का कहर शुरु हो गया है। बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। समैचीपुर चितार निवासी महिला सोनिया पत्नी खान मोहम्मद अपने बच्चों के साथ वन विभाग के अधिकारियों से पौधरोपण के किए गए कार्य के पैसे लेने के लिए लगभग दो किलोमीटर बाढ़़ के पानी में घुसकर जा रही थी। महिला ने बताया कि नाव का साधन न होने पर बह बाढ़ के पानी में घुसकर जा रही है और उसके बच्चे पानी में तैर रहे थे। महिला ने बताया कि पिछली बार शासन प्रशासन ने नाव की व्यवस्था की थी, लेकिन इस बार अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिससे पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। वहीं गंगा के किनारे सटे गांव में बाढ़ का पानी आ जाने से नाव का साधन उपलब्ध कराया गया है। जिस पर लोग बैठकर आवाजाही कर रहे हैं तथा समैचीपुर चितार गांव को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया है जहां गंगा का कटान जारी है जिसमें खान मोहम्मद को पीएम आवास योजना के तहत आवास मिला था जो कल दोपहर 2 बजे के करीब कटान की चपेट में आ गया। जिससे आवास का कुछ हिस्सा गंगा में गिर गया है। वहीं इसी गांव के इंतजार, जुम्मन अली, गुलाम अली का मकान भी गंगा में बह गया है। वो लोग इस समय गांव छोड़कर बाहर कार्य करने चले गए हैं। वही ग्रामीणों ने संभावना जताई है कि आज रात तक गंगा का पानी गांव में घुस जाएगा। ग्रामीणों ने बताया है कि कमरुद्दीन, सहीम, फुरकान की झोपडिय़ां कटान की जद में हैं। वहीं लोगों की गंगा द्वारा कटान किए जानें से नींदे उड़ी हुई है। जिससे लोग काफी दहशत जदा हैं। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए रहने की उचित व्यवस्था की जाए। हजारों बीघा में खड़ीं फसलें जलमग्न हो गई हैं तथा पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। लोगों का कहना है कि वह तो कहीं से अपने खाने पीने की व्यवस्था कर लेंगे लेकिन जानवरों को खाने पिलाने की व्यवस्था कर पाना काफी मुश्किल होगा।
