बच्चों से प्रधानाध्यापिका द्वारा मौरम उठवाने का ग्रामीणों ने किया विरोध

बीएसए बोले करायेंगे पूरे मामले की जांच
शमसाबाद, समृद्धि न्यूज। विद्यालय में बच्चों को अभिभावक घर से पढऩे के लिए भेजते है, लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे भी है, जिन्हे पढ़ाई से तो कोई मतलब नहीं है, सिर्फ वेतन लेना जानते है। जबकि सरकार बच्चों को उच्च कोटि की शिक्षा देने के लिए करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है। विद्यालय को इंग्लिश मीडियम में तब्दील किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा के मंदिर को संचालित करने की जिम्मेदारी जिनके हाथों में सरकार ने दी है वह अपनी विचारधारा को बदलना नहीं चाहते। ऐसा ही एक मामला शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम अलेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला। जहां बच्चों को पढ़ाने की बजाय एक शिक्षिक ने काम पर लगा दिया।
बुधवार को क्षेत्र के मोहल्ला अलेपुर मेंं स्थित प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को मजदूरी करते हुए देखा गया, जबकि शिक्षका सामने खड़ी हुई थी। बच्चे बाल्टी, तसलों में मोरम भरकर विद्यालय पहुंचा रहे थे। जब लोगों की नजर पड़ी तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नगमा बेगम ने कहा कि यह मेरे घर का काम नहीं है, यह विद्यालय का काम है तो कौन करेगा। ग्रामीणों ने कहा कि अगर तुम्हारे बच्चे होते हुए तो उनसे भी मजदूरों की तरह काम कराते तो वह आग बबूला हो गयी। बढ़ती भीड़ व ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रधानाध्यापिका विद्यालय के अंदर चली गई। इस संदर्भ में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने बताया कि किसी ने अभी शिकायत नहीं की है, लेकिन मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर कार्यवाही करेंगे।

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