
समृद्धि न्यूज।गांव में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई लेकिन अफसरों की उदासीनता और सफाई कर्मचारियों के नदारद रहने के चलते सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है नियमित सफाई न होने से नालिया चौक होकर गांव की गलियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है लाखों का वेतन उठाने के बाद भी ज्यादातर सफाई कर्मचारी गांवों से नदारद रहते बाढ़ की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के सामने अब सेहत को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है कहने को गंगा व राम गंगा का पानी धीरे-धीरे कम होता जा रहा लेकिन इसके बाद बीमारियों ने दावत देनी शुरू कर दी है जगह-जगह पानी ठहर जाने के कारण मच्छर जनित बीमारियों ने अपने पर पूरी तरह पसार लिए हैं सफाई कर्मियों की निगरानी के लिए ग्राम प्रधानों का पहराऔर पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में एडीओ की तैनाती की गई बावजूद इसके अधिकांश गांवों में सफाई कर्मचारी बेलगाम है नालियों को ग्रामीण खुद ही साफ करते हैं सफाई कर्मचारियों की पहुंच ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत तक सीमित है जिससे सफाई कर्मी गांव की सफाई छोड़कर ग्राम प्रधान ब ब्लॉक मुख्यालय में सेवकाई में डटे रहते हैं बानगी के तौर पर विकासखंड राजेपुर के गांव कुइया में बजबजाती नालियों से संक्रमित बीमारियों के फैलने के भय से ग्रामीण खुद नाली साफ करने को मजबूर है गांव कुइया निवासी किशन बहादुर रामनिवास गंगाराम सुधीर श्याम पाल सत्यपाल का कहना है कि जब से हमारे गांव में नाले का निर्माण हुआ है तब से आज तक सफाई कर्मचारी द्वारा नाली नहीं साफ की गई इसके लिए हम ग्रामीणों ने कई बार लिखित मौखिक शिकायत ब्लॉक मुख्यालय पर की ग्रामीणों ने सफाई कर्मी संजू निवासी गांधीनगर से जब गांव में सफाई के लिए कहा तो उसका कहना है जहां चाहो वहां शिकायत करो जाकर मैं सफाई नहीं करता हूं जबकि ए डी ओ अजीत पाठक ने कई बार सफाई कर्मियों को सख्त चेतावनी दी कि कोई भी सफाई कर्मी अपनी ग्राम सभा मे लेबर द्वारा सफाई नहीं करवाएगा और जिस गांव में गंदगी पाई गई या सफाई कर्मी नहीं जाता तो उसके विरुद्ध विभागीय सख्त कार्रवाई की जाएगी इसके बाद भी कई सफाई कर्मी बेलगाम है जो वेतन तो हर माह समय से निकाल लेते पर सफाई के नाम पर नियुक्त गांव में जाना पसंद नहीं करते जब इस संबंध में एडीओ श्री अजीत पाठक से पूछा तो उनका कहना है कि इस विषय में जानकारी मिली है जांच करके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
