विदेशी मेहमानों ने बताया कि हर बीमारी का इलाज आयुर्वेद में
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एण्ड हॉस्पिटल में अन्तर्राष्ट्रीय दो दिवसीय सेमिनार में देश विदेश से आये आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक महमान भावुक दिखायी दिये। बोले हम लोगों को दो दिन ही हुए है लगता है कि यहां से बहुत पुराना नाता है, जाने का मन तो नहीं कर रहा है और भावुक हो उठे।
मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एण्ड हॉस्पिटल में चल रहे दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार में समापन अवसर पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। विभिन्न देशों व प्रांतों से आये आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सकों ने अपने-अपने अनुभवों को प्रशिक्षु चिकित्सकों के सामने विस्तार से रखा और उसके बारे में उन्हें बारीकी से समझाया।
इस अवसर पर मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेद मेडिकल कालेज एण्ड हॉस्पिटल के चेयरमैन डा0 जितेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि विभिन्न बीमारियों से आयुर्वेद औषधियों से कैसा बचाव किया जाये नेपाल और फ्रांस व अलग-अलग जगह से लोग आये लोगों ने अपने अपने-अपने अनुभव बताये। फ्रांस से आये डा0 जीन-पियरै कैटालानों अमला अयुर्वेद स्टैसबर्ग के संस्थापक ने बताया कि २०-३० सालों से आयुर्वेद का विदेशों में भी प्रचार बढ़ा है। डा0 जितेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि वह दिन अब दूर नहीं भारत को विश्व गुरु दुनिया मानेगी। उन्होंने बच्चों से भी कहा कि आप परिश्रम करें और हम आपको आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। आप चाहेंगे तो हम आपको विदेश भी पढ़ाई के लिए भेजेंगे। इस पर प्रशिक्षु चिकित्सकों ने ताली बजाकर भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मेडिकल कालेज की डायरेक्टर मैडम डा0 अनीता रंजन को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


चेयरमैन के हाथों सम्मान पाकर गदगद दिखायी दिया स्टाफ
फर्रुखाबाद। दो दिवसीय सेमिनार के अवसर पर अतिथियों के सम्मान के साथ कालेज के स्टाफ को भी सम्मानित किया गया। राहुल वर्मा, अनूप कुमार, प्रवीन कुमार, प्रशांत दुबे, अखिलेश गोस्वामी के अलावा सुरेश यादव, रामवली, विवेक यादव, सोनू, शैलेन्द्र सिंह मकराना आदि सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया। कालेज के चेयरमैन के हाथों सम्मान पाकर गदगद दिखायी दिये।
डा0 वाल्डेमर प्राडो ने प्रौद्योगिकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अकादमिक क्षेत्र में किया काम
फर्रुखाबाद। अतिथि वक्ता डॉ0 वाल्डेमर प्राडो विज्ञान और प्रौद्योगिकी 1 विकास में एक अनुभवी वरिष्ठ अनुसंधान फेलो हैं। वह वर्तमान में वल्र्ड एसोसिएशन फॉर फॉर्मर यूनाइटेड नेशंस इंटन्र्स एंड फेलो के कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। दो दशकों से अधिक की विशेषज्ञता के साथ उन्होंने उभरते देशों के लिए प्रौद्योगिकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अकादमिक क्षेत्र में काम किया है। वह संयुक्त राष्ट्र मंचों पर सक्रिय रहे हैं, एक सलाहकार के रूप में योगदान दिया है और सरकारों को विश्वव्यापी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण परियोजनाओं की सलाह दी है।
प्रो0 डा0 अवधेश कुमार गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के पहले बने कुलपति
फर्रुखाबाद। प्रोफेसर डॉ0 अवधेश कुमार सिंह जनवरी 2022 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के पहले कुलपति बने। इसके बाद उन्होंने चौदह वर्षों तक मध्य प्रदेश में निदेशक और प्राचार्य के रूप में कार्य किया। डॉ0 एके सिंह के पास एएमएस और एमडी आयुर्वेद हैं। कलकत्ता विश्वविद्यालय से डिग्रियां प्राप्त कीं और 75 से अधिक हैं।
कमल नयन द्विवेदी ने आयुर्वेद में अपनी विरासत को मजबूत करने से प्राप्त किया पुरुस्कार
फर्रुखाबाद। कमल नयन द्विवेदी आयुर्वेद के एक उल्लेखनीय व्यक्ति, एक प्रोफेसर और शोधकर्ता के रूप में एक शानदार कैंसर विशेषज्ञ हैं। उनकी शैक्षिक यात्रा में बीएएमएस और एमडी (आयु) डिग्री शामिल हैं, जो योग में प्रमाणपत्रों से पूरित हैं। डॉ0 द्विवेदी ने एक चिकित्सा अधिकारी और प्रोफेसर के रूप में काम किया है, मुख्य रूप से आईएमएस बीएचयू में उन्होंने कई विद्वानों की देखरेख, पीजी डिप्लोमा छात्रों का मार्गदर्शन और प्रकाशन में महत्वपूर्ण शैक्षणिक योगदान दिया है। 50 से अधिक उनकी नेतृत्वकारी भूमिकाओं में द्रव्यगुण विभाग का नेतृत्व करना और आयुर्वेद संकाय का डी बनना शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, उन्होंने आयुर्वेद में अपनी विरासत को मजबूत करते हुए पुरस्कार प्राप्त किए, मुख्य भाषण दिए और शोध पत्र प्रस्तुत किए।
डा0 गिरिन्द सिंह तोमर को न्यूयॉर्क को 20वीं सदी के विद्वान पुरस्कार से किया जा चुका है सम्मानित
फर्रुखाबाद। डॉ0 गिरिन्द सिंह तोमर वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक एवं पूर्व प्राचार्य शासकीय ब्यूर्वेदा महाविद्यालय हंडिया प्रयागराज को सदस्य मनोनीत किया गया। महायोगी जियाउ गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद और भी अधिक के साथ अपने वर्षों के चिकित्सीय अनुभव के कारण डॉ0 तोमर लगातार पीडि़तों की सेवा में कार्यरत हैं। समर्पित भाव से मानवता, शिक्षा, रोगी देखभाल एवं के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य करना, आयुर्वेद के तब, डॉ0 तोमर ने अपने शोध के माध्यम से इस क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। टिसबी और सी के साथ-साथ गठिया और मधुमेह में हाल ही में डॉ0 तोमर का नाम भी शामिल किया गया है। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एल गुरु साथ में वह आयुष एनटीईपी के तकनीकी कार्य समूह के सदस्य के रूप में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी आयुर्वेद कॉलेज, हंडिया के प्राचार्य के रूप में भी काम किया है। डीन आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा कानपुर विश्वविद्यालय अनासी में सहायक प्रोफेसर। विश्व आयुर्वेद मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आरोग्य भारती के सदस्य प्रोफेसर तोमर को शिक्षा श्री पुरस्कार प्रयाग, उत्कृष्टता पुरस्कार और न्यूयॉर्क से 20वीं सदी के विद्वान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डी अमाडियो बियानची विश्व योग और आयुर्वेद समुदाय के हैं संस्थापक
फर्रुखाबाद। वक्ता डी अमाडियो बियानची के पास आयुर्वेद में स्नातकोत्तर की डिग्री थी, वह केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद में एक वैज्ञानिक बैंड के सदस्य हैं और वह आयुर्वेद, वैदिक कला और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने वाले समूह के एक सदस्य भी हैं, एक प्रेरक वक्ता हैं। उन्होंने मूत्रविज्ञान और आयुर्वेद का मिश्रण किया है। हेसिथ समाधान के लिए और वृन्दावन में एक आश्रम की स्थापना सहित फुलनुपी में संलग्न है। उनका जुमे मानव कल्याण के लिए प्राचीन ज्ञान और आधुनिक नवाचार की पूर्णता का उदाहरण देता है। डी अमाडियो बियानची योग और आयुर्वेद की दुनिया में एक प्रमुख व्यक्ति हैं। वह विश्व योग और आयुर्वेद समुदाय के संस्थापक हैं और विश्व योग और आयुर्वेद आंदोलन और यूरोपीय योग महासंघ सहित कई अंतरराष्ट्रीय योग और आयुर्वेद संगठनों में नेतृत्व की स्थिति रखते हैं। वह नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय योग परिसंघ के उपाध्यक्ष और यूरोपीय आयुंडा एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य भी हैं। उनके योगदान को मान्यता देने के लिए उन्होंने 2014 में अंशाडोर ऑफ योगा एंड आयुरसिल्स की साइट का दौरा किया था। डी अमाडियो बियानची ने प्रमुखता से भाषण देते हुए कहा था दुनिया भर में कांग्रेस और आप पर कई किताबें लिखी हैं। डॉ0 राम आधार यादव नेपाल की स्वास्थ्य सेवाए विशेष रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक प्रमुख व्यक्ति हैं, वह वर्तमान में राष्ट्रीय आयुर्वेद में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। नेपाल के स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के अंतर्गत अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में आयुर्वेद के एकीकरण में योगदान दे रहा है। डॉण् राम आधार यादव भारत में स्नातकोत्तर अध्ययन और अनुसंधान से एक ठोस शैक्षणिक आधार रखते हैं और आयुर्वेदिक संघों के एक सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने मान्यता प्राप्त करने वाली एस्टबुक्स और शोध लेख लिखे हैं प्रो0 रामबाबू त्रिपाठी ने शोध व कई पुस्तकें लिखीं, कई जनपदों व राज्यों में हो चुके हैं सम्मानितफर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रो0 डा0 रामबाबू त्रिपाठी के पिता स्व0 आर0एल0 त्रिपाठी है। उनका जन्म १ जुलाई १९५० को हुआ था। उन्होंने हाईस्कूल सन्१९६५ यूपी बोर्ड व इंटरमीडिएट सन्१९६७ को यूपी बोर्ड से किया। बी0ए0एम0एम0एस0 १९७२ को लखनऊ विश्वविद्यालय से किया। डी0एवाई0एम0 (शल्य-शालाक्य) १९७६ को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से किया। अनुभव राजकीय आयुर्वेद कालेज अतर्रा बांदा, रीडर शल्यतंत्र बुंदेलखण्ड राज्य आयुर्वेदिक कालेज झांसी, प्रधानाचार्य एवं अधीक्षक/प्रोफेसर शल्यतंत्र अतर्रा बांदा, प्रभारी अधिकारी शिक्षा आयुर्वेद एवं यूनानी निदेशालय लखनऊ में किया। शोध व पुस्तके भी लिखी। कई जनपदों में सम्मानित भी हो चुके है।
