
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। यूपी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए ग्राम विकास निधि को लाखों रुपए दे रही है। वहीं ग्राम प्रधान सरकार के अरमानों पर बट्टा लगाते हुए जहां एक ओर विकास कार्यों को सिर्फ कागजों में दर्शा रहे हैं, जबकि जमीन हकीकत को देखा जाए तो सच्चाई कोसों दूर नजर आ रही है। भ्रष्टाचार इस तरह बढ़ा हुआ है लोग हकीकत की बजाय सिर्फ कागजों में ही विकास कार्यों को दर्शा रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण विकास खंड शमसाबाद क्षेत्र के ग्राम समैचीपुर चितार में देखने को मिला। यहां एक चक रोड पर मिट्टी कार्य कराएं जाने के नाम पर 58 मजदूरों को दर्शाया गया। जब मौके पर जाकर देखा गया तो वहां हकीकत कोसों दूर थी। सोमवार को जब कुछ ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच जानकारी की तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गये, क्योंकि उक्त क्षेत्र कटरी क्षेत्र होने के कारण जंगल नजर आ रहा था। विकास कार्यों के नाम पर सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी जा रही थी। जानकारी के अनुसार यहां सलीम के खेत से वन विभाग की नर्सरी तक चक रोड जिस पर 50 मजदूरों के सहारे कागजों में कार्य होना दर्शाया गया, जो लगभग पिछले एक हफ्ते से कागज़ों में ही चल रहा है। हकीकत में मौके पर सब कुछ उल्टा था ना तो यहां कोई मजदूर कार्य करता हुआ नजर आया ना ही कहीं ऐसी स्थिति नजर आई जिसे यह महसूस किया जा सके यहां चकरोड पर कोई मिट्टी का कार्य हुआ भी है। बताते हैं उक्त चकरोड जिसे जंगल के रास्ते होना दर्शाया गया उक्त चकरोड पर पहले भी मिट्टी का कार्य होना जाना दर्शाया गया, जबकि हकीकत बिलकुल अलग थी। बताते हंै इस क्षेत्र में बाढ़ का सर्वाधिक प्रकोप रहता है और जलभराव के चलते सब कुछ नष्ट हो जाता है। वहीं ग्रामीणों ने आशंका जताते हुए कहा ऐसा लग रहा है जैसे बाढ़ का लाभ उठाया जा रहा हो। आपके यहां यह भी बताना जरूरी है कि जिस जगह पर चकरोड का कार्य कागज़ों में करवाया जा रहा है वह क्षेत्र बांसखेड़ा ग्राम पंचायत की राजस्व भूमि है। जानकारी के अनुसार जिस ग्राम पंचायत क्षेत्र का राजस्व क्षेत्र होगा वही ग्राम पंचायत उस पर कार्य कर सकती है, दूसरी ग्राम पंचायत नहीं। शमशाबाद क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में प्रशासन अधिकारियों की लापरवाही के चलते विकास कार्यों के नाम पर जमकर घोटाले किए जा रहे हैं मिट्टी के कार्य के नाम पर सबसे ज्यादा घोटाला किया जा रहा है। खास बात तो यह है कुछ जन जनप्रतिनिधि ऐसे है जिन्हें यही नहीं पता आखिर उनके ग्रह क्षेत्र में विकास कार्य कौन करा रहा है। ऐसे हालात अधिकांश ग्राम सभाओ में देखे जा सकते हैं। इस संबंध में जब एपीओ कुलदीप यादव से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते संपर्क नहीं हो सका।
