
ग्रामीणों ने परिजनों को दी सूचना, परिजनों में दौड़ी खुशी की लहर
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। सालों पहले घर से गया वृद्ध सकुशल घर लौट आया। वृद्ध को देख परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गयी। उसने बताया कि सहारनपुर में 26 साल बंधुआ मजदूर बनकर जिन्दगी काटी। वृद्ध अपना घर गांव में खोजता रहा। घर ना मिलने पर वह अपने खेत पर पहुंचा और किसानों को आपबीती बतायी। जिस पर किसानों ने वृद्ध के घर पर सूचना दी। मौके पर पहुंच परिजन वृद्ध को घर ले गये।थाना क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी नरवेश कुमार दिसंबर 1997 को बिना बताए घर से कहीं चले गए थे। कुछ दिन बाद एक रिश्तेदारी में सहारनपुर पहुंचे। रिश्तेदार द्वारा घर जाने का दबाव बनाया, तो रिश्तेदार के यहां से बिना बताए चले गए। तब से सहारनपुर में एक ठेकेदार के यहां किसी को बिना बताए काम करने लगे। ठेकेदार ने वृद्ध को घर नहीं आने दिया और अपने यहां काम कराता रहा। काम खत्म होने के बाद ठेकेदार ने सभी लोगों का पेमेंट कर दिया और वृद्ध को पैसे नहीं दिए। वमुश्किल से वृद्ध ने अपने पैसे का इंतजाम किया और सहारनपुर से हरिद्वार आया। हरिद्वार से फर्रुखाबाद की बस में बैठा और फैजबाग में बस के चालक ने उसे उतार दिया। वहां से गांव रोशनाबाद के लिए पैदल ही चल दिया। वृद्ध शाम के समय गांव में अपना घर खोजता रहा, लेकिन उसे घर नहीं मिला। इसके बाद वृद्ध अपने खेत की तरफ गया और वहां काम कर रहे किसानों को आपबीती बतायी। जिस पर किसानों ने वृद्ध के घर पर सूचना दी। खेत में काम कर रहे किसानों ने वृद्ध के घर सूचना दी। जिस पर परिजन मौके पर पहुंचे और वृद्ध को लेकर घर आये। वृद्ध को देख परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गयी। वृद्ध के पुत्र अंकित और नितेश, पत्नी मीरा देवी की खुशी का ठिकाना न रहा। पत्नी ने बताया 26 साल बाद पति घर पर आए हैं।1997 में बिना बताए घर से चले गए थे। ग्राम प्रधान सुदेश गंगवार ने बताया वृद्ध के दिमाग का संतुलन सही नहीं है। जब से आए हैं तब से परिजन इलाज करा रहे हैं।
