मानव जीवन के लिए धीमा जहर साबित हो रही कच्ची शराब

तमाम प्रयास के बाद भी नहीं लग रही इसकी बिक्री पर रोक
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
पुलिस के तमाम प्रयास के बावजूद कच्ची शराब का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। न जाने कितने लोग अब तक इस शराब का सेवन करने से दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। इसके बावजूद शराब कारोबारी चंद पैसों के लालच में मानव के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गिहार बस्ती लकूला में कच्ची शराब का कारोबार कई वर्षों से होता चला आ रहा है। यहां पर पुलिस गाहे बगाहे छापेमारी करती रहती है और छापामारी में बरामद लहन को नष्ट कर देती है। कारोबारी पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाते हैं। सिर्फ औरतें ही घरों पर मिलती हैं। पुलिस के काफी हिदायत देने के भी इस कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जब इस संबंध में कारोबारियों से पूछा गया कि वह यह कारोबार क्यों करते हैं, तो उनका साफ करना है कि वह करें तो क्या करें। प्रशासन उन्हें रोजगार मुहैया नहीं करता है। शराब बनाकर बेचना उनकी मजबूरी है। सूत्रों के मुताबिक यह शराब यूरिया व अन्य कैमिकलों से मिलाकर बनायी जाती है। यदि इसका लगातर सेवन किया जाये, तो चार-पांच सालों में व्यक्ति की मौत हो जाती है। शाम के समय यहां पर बड़ी संख्या में शराबियों का जमावड़ा लगता है। शराब पीने के बाद शराब इधर उधर पड़े दिखायी देते हैं। बताते हैं कि शराब की बिक्री महिलायें करती हैं। जो हर साजोसामान मुहैया कराती हैं।

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