अग्निवीर योजना में पांच महत्वपूर्ण बदलाव

भारत सरकार ने साल 2022 में अग्निवीर योजना की घोषणा की थी जिसका बहुत विरोध हुआ. सैन्य सूत्रों की माने तो इस योजना में अग्निवीरों की संख्या में सबसे पहला बदलाव बढ़ोत्तरी करनी है. फिलहाल 4 साल के समय के बाद ही 25 फीसदी को रिटेन किया जाता था जिसे बढ़ाया जाए और इसे 60-70 फीसदी किया जाए. (Agnipath Recruitment Scheme) आर्मी के इंटरनल सर्वे के अनुसार अग्निवीर योजना में दूसरा सबसे बड़ा बदलाव की इच्छा ये है कि इसकी कार्यावधि को 4 साल से बढ़ाकर 7-8 साल किया जाए.
टेक्निकल फील्ड को लेकर बगलाव की बात की जा रही है. टेक्निकल फील्ड में भर्ती की उम्र फिलहाल 17-21.5 साल है जिसको बढ़ाकर 23 साल करने की इच्छा की गई है. आर्मी ने इस योजना में एक और बड़े बदलाव की इच्छा की है. अगला बदलाव विकलांगता भुगतान का है जिसमें सेवा में रहते हुए दिव्यांग होने पर भुगतान के साथ ही दूसरी नौकरी देना है इस योजना में बदलाव का आखिरी बिन्दु ये है कि सेना ये चाहती है कि युद्ध के दौरान कोई अग्निवीर शहीद होता है तो उसके परिवार को जीवन निर्वाह के लिए भुगतान हो.

सेना ने इन बदलावों की जताई इच्छा

भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना की समीक्षा की है. वो इसमें सुधार के लिए कई सिफारिशें की है. इनमें 4 साल पूरे करने के बाद नियमित सेवा में शामिल होने वाले अग्निवीरों का प्रतिशत मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60-70 प्रतिशत करना शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना ने सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 7-8 साल करने का सुझाव दिया है. इसके अलावा तकनीकी क्षेत्र में अग्निवीरों के लिए प्रवेश आयु बढ़ाकर 23 वर्ष करने की सिफारिश की है. सेना ने ये भी सुझाव दिया कि प्रशिक्षण के दौरान विकलांगता के लिए अनुग्रह राशि प्रदान की जानी चाहिए.

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