चुनाव टलने से दस माह से रिक्त पड़ा है पद, इस वर्ष का मंचन अधर में लटका
कम्पिल,समृद्धि न्यूज। धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचान रखने वाली कम्पिल नगर की ऐतिहासिक रामलीला इस बार संकट में है। अध्यक्ष पद के विवाद और चुनाव स्थगित होने के कारण आयोजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। नागरिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर शीघ्र मनोनयन कराने की मांग की है।
परंपरा में खलल
कम्पिल रामलीला कमेटी की वर्षों पुरानी परंपरा रही है कि राजगद्दी वाले दिन निवर्तमान अध्यक्ष मंच पर जनता के समक्ष नए अध्यक्ष के नाम का प्रस्ताव रखते हैं। भीड़ से किसी इच्छुक व्यक्ति का नाम सामने आते ही उसकी घोषणा माइक से की जाती है और माल्यार्पण कर अगले वर्ष की रामलीला मंचन की जिम्मेदारी उसे सौंप दी जाती है।
पिछले वर्ष भड़का विवाद
पिछले वर्ष जब तत्कालीन अध्यक्ष सुबोध शुक्ला ने नए अध्यक्ष के मनोनयन की बात रखी तो भीड़ से कुलदीप सैनी का नाम सामने आया। तभी किसी बात को लेकर सुबोध और कुलदीप समर्थकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए और हाथापाई शुरू हो गई।
पुलिस का हस्तक्षेप
स्थिति गंभीर होते देख क्षेत्राधिकारी, थाना कम्पिल और कोतवाली कायमगंज का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और सुबोध व कुलदीप को थाने ले जाकर मीटिंग कर एक सप्ताह में नया अध्यक्ष चुनने का समझौता कराया। हालांकि, उसके बाद लगभग दस माह बीत जाने के बावजूद कोई बैठक नहीं हुई और नया अध्यक्ष नहीं चुना जा सका।
आयोजन पर संकट
इस बार का रामलीला मंचन अध्यक्ष पद रिक्त रहने से अधर में लटक गया है। नागरिकों ने एसडीएम कायमगंज को ज्ञापन सौंपकर अध्यक्ष पद पर प्रशासनिक स्तर से मनोनयन करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्णय न हुआ तो वर्षों पुरानी परंपरा टूट सकती है और अराजक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
धार्मिक नगरी की पहचान
कम्पिल पांचाल क्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध है और यहाँ की रामलीला दूर-दराज़ तक आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष इस मंचन को देखने आते हैं। यही कारण है कि नागरिकों में इस आयोजन को लेकर गहरी चिंता है।
निगाहें प्रशासन पर
अब सभी की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं कि वह ऐतिहासिक परंपरा को बचाने और आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए क्या कदम उठाता है।
