कम्पिल, समृद्धि न्यूज। वर्षों पुरानी रामलीला का मुख्य अथिति पूर्व जिलाधिकारी ने गणेश पूजन के साथ फीता काटकर शुभारम्भ किया। कमेटी के सदस्यों ने श्रीराम के भक्त हनुमान जी की प्रतिमा देकर स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या मे क्षेत्रवासी, ग्रामवासी मौजूद रहे।
जनपद की सीमा पर बसे गांव गढिय़ा जगन्नाथ में 43 वर्षो से नवरात्री शुरू होने के साथ ही रामलीला का आयोजन शुरू होता है। गांव, बाहर के कुशल वक्ताओं के द्वारा रामलीला का मंचन किया जाता है। गांव के हरिओम राठौर के रावण के पात्र की जनता मुरीद है। वह दमदार आवाज के साथ रावण के पात्र को जीवंत करते दिखते हैं। उनकी स्टेज पर आते ही तालियों की गूंज से सभा स्थल गूंज उठता है। वही रामसिंह के भी पात्र की चर्चा जोरो पर होती है। सोमवार शाम गांव के समाजसेवी, पूर्व जिलाधिकारी अवधेश सिंह राठौर ने रामलीला का गणेश पूजन के साथ फीता काटकर शुभारम्भ किया। कमेटी सदस्यों ने मुख्य अथिति पूर्व जिलाधिकारी को शाल एवं भगवान श्रीराम के पावन भक्त हनुमान जी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। बाद में गांव के बुजुर्ग कलाकारों को पूर्व जिलाधिकारी ने शाल देकर सम्मानित किया। पूर्व जिलाधिकारी ने बताया की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय है। बुजुर्ग समाज की धरोहर है। इनका सम्मान करना चाहिए। भगवान श्रीराम पिता की आज्ञा लेकर 14 वर्षो के लिए वन में रहे। हमें भी अपने बुजुर्गो का सम्मान करना चाहिए। मंच संचालन हितेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान विशिष्ट अथिति डॉक्टर वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया की भगवान श्री राम ने इस धरती पर जन्म लेकर पवित्र कर दिया है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है। इस दौरान उपसंचालक हरिओम सिंह समारोह की अध्यक्षता ब्रह्मवीर सिंह राठौर ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी, क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
वर्षों पुरानी रामलीला का पूर्व जिलाधिकारी ने फीता काटकर किया शुभारंभ
