कहा: भविष्य में सतर्क रहें नाटो चीफ
समृद्धि न्यूज। नाटो चीफ मार्क रूट ने पीएम मोदी और पुतिन को लेकर एक बयान दिया था। उन्होंने न्यूयॉर्क के एक टीवी चैनल पर बैठकर कहा था कि ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद पीएम मोदी और पुतिन में फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ट्रंप के टैरिफ को लेकर बातचीत हुई थी। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पलटवार करते हुए मार्क रूट के बयान को गलत बताया है। भारत ने नाटो प्रमुख मार्क रूटे के विवादित बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
𝐖𝐞𝐞𝐤𝐥𝐲 𝐌𝐞𝐝𝐢𝐚 𝐁𝐫𝐢𝐞𝐟𝐢𝐧𝐠 𝐛𝐲 𝐭𝐡𝐞 @MEAIndia 𝐎𝐟𝐟𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐒𝐩𝐨𝐤𝐞𝐬𝐩𝐞𝐫𝐬𝐨𝐧:
External Affairs Ministry spokesperson Randhir Jaiswal terms the statement by the NATO Secretary-General Mark Rutte regarding a purported phone conversation between Prime… pic.twitter.com/ytBT6GOacd
— All India Radio News (@airnewsalerts) September 26, 2025
विदेश मंत्रालय ने रूटे को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत का दावा पूरी तरह से आधारहीन और गलत है। साथ ही रूटे को चेतावनी दी है कि वह भविष्य में ऐसे बयान देने से पहले सतर्क रहें। विदेश मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नाटो चीफ मार्क रूटे की तरफ से बताए गए तरीके से बात नहीं की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार हम नाटो जैसे महत्वपूर्ण संगठन के नेतृत्व से अपेक्षा करते हैं कि वे सार्वजनिक बयानों में अधिक जिम्मेदारी और सटीकता बरतें। विदेश मंत्रालय ने भारत के इस रुख को दोहराया है कि उसके ऊर्जा आयात संबंधी फैसले राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधी जायसवाल ने कहा, जैसा कि पहले कहा गया है, भारत के ऊर्जा आयात का मकसद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अनुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करता रहेगा।
