गाजा युद्ध समाप्ति के लिए शांति-प्रस्ताव की घोषणा, 72 घंटे का समय, हमास नहीं माना तो?

समृद्धि न्यूज। इजराइली पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इससे पहले दोनों के बीच गाजा युद्ध विराम को लेकर बैठक हुई। नेतन्याहू ने कतर के पीएम से 9 सितंबर के हमले के लिए माफी मांगी। गाजा युद्ध में 66 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। प्रस्ताव के अनुसार इजराइल की सेनाएं अमेरिका व अन्य गारंटरों के बीच तय मानकों के आधार पर एक निश्चित समय सीमा के अंदर पीछे हट जाएंगीं। इजराइल की ओर से इस समझौते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के 72 घंटे के अंदर हमास सभी बंधकों को जीवित या मृत अवस्था में इजराइल को वापस करेगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि हमास की ओर से हर इजराइली बंधक के अवशेष सौंपे जाने पर इजराइल 15 गाजावासियों के अवशेष सौंपेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गाजा युद्ध समाप्ति के लिये एक व्यापक शांति-प्रस्ताव की घोषणा की। दोनों नेताओं ने कहा कि प्रस्ताव पर इजराइल सहमत है और अब हमास के निर्णय का इंतजार है। दोनों नेताओं का कहना है कि यदि हमास इसे स्वीकार कर लेता है तो सभी शेष बंधकों को 72 घंटे के भीतर रिहा करने का प्रावधान है, अगर हमास ऐसा नहीं करता है तो इजराइल उस पर हमला करेगा और इसमें उसका साथ अमेरिका देगा, ट्रंप ने कहा कि इजराइली सेना धीरे-धीरे गाजा से पीछे हटेगी। नेतन्याहू ने कहा कि हमास को हमारे सभी बंधकों छोडऩा होगा। अमेरिका उनकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करेगा और उसके राजनीतिक शासन को समाप्त किया जाएगा। साथ ही ये सुनिश्चित किया जाए कि गाजा फिर कभी इजराइल के लिये खतरा न बने। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमास योजना स्वीकार कर लेता है तो पहला कदम प्रत्यक्ष वापसी होगा और 72 घंटों के अंदर सभी बंधकों की रिहाई संभव हो सकेगी। वहीं ट्रम्प ने कहा कि उनकी योजना पीस बोर्ड (शांति बोर्ड) का गठन करना है। जिसकी अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। ट्रम्प ने बताया कि यह बोर्ड गाजा के विसैन्यीकरण, हमास के निरस्त्रीकरण और गाजा में एक शांतिपूर्ण नागरिक प्रशासन की स्थापना में नेतृत्व करेगा। साथ ही ट्रम्प ने कहा कि यदि हमास प्रस्ताव अस्वीकार करता है तो इजराइल को पूर्ण अधिकार और पूर्ण अमेरिकी समर्थन प्राप्त रहेगा। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा, इस प्रस्ताव को स्वीकार करने पर समझौते के अनुसार, गाजा पट्टी में तुरंत पूरी सहायता भेजी जाएगी और किसी फलस्तीनी को गाजा छोडऩे के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। हालांकि जो लोग छोडऩा चाहते हैं, वे ऐसा करने और वापस लौटने के लिए स्वतंत्र होंगे।

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