समृद्धि न्यूज। जी राम जी बिल 2025 के संसद से पारित होने के बाद विपक्ष ने संविधान सदन के बाहर आधी रात को धरना दिया। विपक्ष ने इसे गरीब और किसान विरोधी बताया और देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी। सरकार ने इसे ग्रामीण रोजगार बढ़ाने वाला कानून बताया। विकसित भारत जी राम जी विधेयक लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी पास हो गया है। सरकार के मुताबिक यह विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है। हालांकि चर्चा के दौरान विपक्ष ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्ष के विरोध के बीच संसद ने ध्वनि मत से वीबी राम जी बिल बिल पास कर दिया है। इसके बाद राज्यसभा सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
#WATCH | Delhi | Opposition MPs sit on a protest against the VB- G RAM G Bill 2025, which has been passed in both Houses of the Parliament. pic.twitter.com/R9EzaivQiz
— ANI (@ANI) December 18, 2025
इस बिल के विरोध में विपक्षी पार्टियों ने संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर धरना भी दिया। जी राम जी विधेयक 20 साल पुरानी एमजीएनआरईजीए (मनरेगा) योजना का स्थान लेगा और हर साल 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देगा। विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि पुरानी योजना की कमियों को दूर करने के लिए यह विधेयक आवश्यक था। राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और राज्यसभा विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक समय आएगा जब आप इस कानून को भी तीन कृषि कानूनों की तरह वापस ले लेंगे। क्या आप ऐसा आंदोलन चाहते हैं जिसमें लोग सडक़ें जाम करें, विरोध करें, गोली लगने से घायल हों और मर जाएं? तभी आप कानून वापस लेंगे? लोग सडक़ों पर उतरेंगे, गोलियों का सामना करेंगे, लेकिन इस कानून का कभी समर्थन नहीं करेंगे, उन्होंने कहा कि हम लड़ते रहेंगे। बिल के पारित होते ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके समेत कई विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस बिल को जबरन पास कराया। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीबों, किसानों और ग्रामीण भारत के खिलाफ है। विपक्ष ने चेतावनी दी कि वे देशभर में सडक़ पर उतरकर विरोध करेंगे।
