प्रयागराज महाकुंभ में 13 साल की संन्यासिन गौरी गिरि और उसके गुरु कौशल गिरि को जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है. 19 जनवरी को महाकुंभ में लड़की का पिंडदान होना था. नाबालिग को नियम तोड़कर शामिल किया गया था. उसे तुरंत उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है. श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की महासभा ने सर्वसम्मति से 7 साल के लिए महंत कौशल गिरि को अखाड़े से निष्कासित किया है.जूना अखाड़े में बगैर बालिग हुए किसी बच्ची को संन्यास की दीक्षा नहीं दी जा सकती है. जूना अखाड़े में बालिग होने के बाद ही किसी महिला को संन्यास की दीक्षा जा सकती है. महंत कौशल गिरि को अखाड़े की परंपरा और नियम को तोड़ने पर महंत कौशल गिरि के खिलाफ कार्रवाई हुई है. श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने सर्वसम्मति से बैठक कर इस पर विचार कर फैसला लिया. जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरी ने वीडियो जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी.
दान दी गई बच्ची का संन्यास वापस, जूना अखाड़े के महंत 7 साल के लिए निष्कासित
