
शमसाबाद (सं.)। कोटेदार के रिजाइन के बाद कोटे की चयन प्रक्रिया की मुनादी सचिव व प्रधान द्वारा एक सप्ताह पूर्व गांव में कराई गई थी। जिसका आज चयन होना था। ग्राम प्रधान की मां की हालत खराब होने की सूचना पर बैठक को अधिकारी ने स्थगित कर दिया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और प्रधान तथा सचिव पर गम्भीर आरोप लगाये। थाना क्षेत्र के गांव गदनपुर चैन में कोटेदार लज्जाराम द्वारा कुछ माह पूर्व रिजाइन दे दिया गया था। जिससे कोटा पड़ोस के गांव दनियापुर में संबद्ध कर दिया गया था। कोटे के चयन को लेकर कुछ दिन पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी अरुण फौजी और ग्राम प्रधान सतीश चंद द्वारा गांव में मुनादी कराकर 15 जून दिन गुरुवार रखा गया थ। जिसमें आज 3 गांव गदनपुर चैन और गदनपुर वक्त और मुजाहिदपुर के कार्ड धारक पंचायत घर पर एकत्रित हुए। ब्लाक के कर्मचारी सचिव अरुण फौजी, प्रशांत कटियार, प्रभारी एडीओ पंचायत सुधीर श्रीवास्तव, थाना अध्यक्ष बलराज भाटी, चौकी इंचार्ज विशेष कुमार आदि लोग मौके पर पहुंचे। लगभग 3 घंटे बाद अरुण फौजी ने ग्राम प्रधान सतीश चंद्र की मां की हालत खराब होने की बात कहकर बैठक को निरस्त कर दिया और 21 जून की तारीख को चुनाव कराने की बात कह दी। पुलिस और अधिकारियों के जाने के बाद कार्ड धारकों ने जमकर हंगामा काटा और ग्राम प्रधान व सचिव पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीण सर्वेश कुमार ने बताया ग्राम प्रधान की मां सुबह घूमती हुई देखी गयी थीं। बीमारी का बहाना बनाकर सचिव ने जानबूझकर बैठक को निरस्त करवा दिया दिया। ग्रामीणों ने बताया कि वह तेज धूप में सुबह से यहां बैठे हैं। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।
